आरा: बिहार विधानसभा चुनाव की घोषणा के बाद जिले में राजनीतिक हलचल तेज हो गई है. भोजपुर जिले में पहले चरण में मतदान होना है, और इसी बीच छात्र- युवा राजनीति से एक नया चेहरा सामने आया है. 70वीं बीपीएससी शिक्षक भर्ती पेपर लीक कांड के खिलाफ सड़कों से लेकर जेल तक संघर्ष करने वाली छात्र नेता खुशबू पाठक अब विधानसभा चुनाव में उतरने जा रही हैं.

खुशबू पाठक ने ऐलान किया है कि वे बड़हरा विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगी. उनका कहना है कि वे छात्रों, युवाओं और महिलाओं की आवाज़ बनकर विधानसभा में पारदर्शिता, न्याय और अवसर की राजनीति को आगे बढ़ाना चाहती हैं. उन्होंने कहा, “हमने भ्रष्ट शिक्षा व्यवस्था के खिलाफ संघर्ष किया है, अब व्यवस्था बदलने के लिए राजनीति के मंच पर लड़ाई लड़ेंगे.”
पटना के बेऊर जेल में 9 दिन बिताने वाली खुशबू पाठक बिहार में शिक्षा सुधार आंदोलन की प्रमुख चेहरा रही हैं. उन्होंने कहा कि उनका चुनावी एजेंडा स्पष्ट है प्रतियोगी परीक्षाओं को समय पर कराना, नौकरियों में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, और अभ्यर्थियों को कट ऑफ मार्क्स की बुकलेट उपलब्ध कराना.
बड़हरा प्रखंड के पीपरपांती गांव की रहने वाली खुशबू ने कहा कि राजनीति उनके लिए समाज सेवा का माध्यम है. “जब तक युवा और छात्र राजनीति में अपनी भागीदारी नहीं बढ़ाएंगे, तब तक व्यवस्था में बदलाव संभव नहीं. मैं युवाओं, छात्रों और महिलाओं के अधिकारों की लड़ाई को विधानसभा तक ले जाने आई हूं.”
खुशबू के इस निर्णय से भोजपुर की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है. छात्र संगठनों और युवा वर्ग के बीच उनकी लोकप्रियता को देखते हुए चुनावी मुकाबला दिलचस्प होने की उम्मीद है.

