आदित्यपुर: झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के आदित्यपुर विद्युत आपूर्ति प्रमंडल अंतर्गत आदित्यपुर-2 सेक्शन में शनिवार सुबह बिजली का काम करने के दौरान एजेंसी का एक हेल्पर करंट की चपेट में आकर झुलस गया. घायल कर्मचारी की पहचान जगरनाथ गिरी के रूप में हुई है. उसे पहले आदित्यपुर ESIC अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए TMH रेफर किया गया. बताया जा रहा है कि उसे TMH के बर्न यूनिट में भर्ती कराया गया है.


प्रारंभिक जानकारी के अनुसार जगरनाथ गिरी IPSG एजेंसी से जुड़ा कर्मचारी है. शनिवार सुबह वह अपने दो सहयोगियों के साथ आदित्यपुर नगर निगम की स्ट्रीट लाइट के लिए नया विद्युत कनेक्शन एवं मीटर लगाने पहुंचा था. घटना वार्ड संख्या-17 में केसरी गैस एजेंसी कार्यालय के समीप की बताई जा रही है.
मीटर लग चुका था, केबल बांधते समय हुआ हादसा
बताया जा रहा है कि नया मीटर लगाने का काम पूरा होने के बाद कर्मचारी केबल से संबंधित काम कर रहा था. इसी दौरान वह कथित रूप से हाईटेंशन लाइन के संपर्क में आ गया और करंट लगने से उसके हाथ और चेहरे का हिस्सा झुलस गया.
हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई. सहयोगी उसे तत्काल आदित्यपुर ESIC अस्पताल लेकर पहुंचे. बताया जा रहा है कि सुबह करीब 11:15 बजे उसे अस्पताल लाया गया था. बाद में बेहतर उपचार के लिए TMH ले जाया गया.
बिना शटडाउन काम कराने का आरोप, सुरक्षा उपकरण भी नहीं होने का दावा
इस दुर्घटना के बाद सबसे गंभीर सवाल कार्य के दौरान अपनाए गए सुरक्षा मानकों को लेकर उठ रहा है. आरोप है कि कर्मचारी के पास इलेक्ट्रिकल सेफ्टी ग्लव्स और हेलमेट समेत आवश्यक सुरक्षा उपकरण नहीं थे. यह भी आरोप लगाया जा रहा है कि काम शुरू करने से पहले संबंधित लाइन का आवश्यक शटडाउन नहीं लिया गया था.
हालांकि हादसे के समय लाइन की वास्तविक स्थिति क्या थी, विधिवत शटडाउन लिया गया था या नहीं और कर्मचारी को कौन-कौन से सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए गए थे, इसकी विद्युत विभाग की ओर से आधिकारिक पुष्टि अभी सामने नहीं आई है.
सवाल- लाइव लाइन के आसपास काम की अनुमति किसने दी ?
यदि जांच में यह सामने आता है कि लाइन चालू रहते हुए कर्मचारी से काम कराया जा रहा था तो यह गंभीर सुरक्षा चूक का मामला होगा. ऐसे में सवाल उठता है कि काम की निगरानी किस अधिकारी अथवा सुपरवाइजर के जिम्मे थी और काम शुरू करने से पहले लाइन की स्थिति की पुष्टि क्यों नहीं की गई.
स्थानीय स्तर पर आदित्यपुर-2 सेक्शन के हेड लाइनमैन कयूम अंसारी की मौके पर मौजूदगी और सुपरविजन को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं. हालांकि हादसे में उनकी अथवा किसी अन्य अधिकारी की जिम्मेदारी अभी तय नहीं हुई है.
विभागीय जांच से स्पष्ट होगी जिम्मेदारी
बिजली का काम अत्यधिक जोखिम वाला होने के कारण लाइन की स्थिति, शटडाउन और आवश्यक व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता जैसे पहलुओं की जांच महत्वपूर्ण होगी. हादसे के वक्त किसके निर्देश पर कर्मचारी काम कर रहे थे, क्या कार्य के लिए निर्धारित सुरक्षा प्रक्रिया अपनाई गई थी और एजेंसी ने कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराए थे या नहीं, इसकी जांच से ही वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी. फिलहाल जगरनाथ गिरी का TMH में इलाज चल रहा है. अब निगाह विद्युत विभाग पर है कि वह इस दुर्घटना की जांच कर सुरक्षा में हुई संभावित चूक और जिम्मेदारी तय करता है या नहीं.

