कांड्रा: कोविड-19 से पहले यात्रियों की चहल-पहल और मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों के ठहराव के लिए पहचान रखने वाला काण्ड्रा रेलवे स्टेशन अब बदली रेल व्यवस्था से प्रभावित है. कोविड काल में बंद किए गए कई ट्रेनों के ठहराव अब तक बहाल नहीं होने से स्थानीय यात्रियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. गुरुवार को चक्रधरपुर रेल मंडल की ओर से आयोजित ‘रेल जनसंवाद’ कार्यक्रम के तहत स्टेशन निरीक्षण के दौरान यात्रियों ने सीनियर डीएमएम अखिल जैन के समक्ष अपनी समस्याएं रखते हुए पुराने ट्रेन ठहराव बहाल करने की मांग की.


चक्रधरपुर रेल मंडल के 78 रेलवे स्टेशनों पर चलाए जा रहे इस कार्यक्रम का उद्देश्य यात्री सुविधाओं का जायजा लेना और यात्रियों से सीधे सुझाव प्राप्त करना है. काण्ड्रा स्टेशन पर यात्रियों ने बताया कि कोविड से पहले यहां कई मेल-एक्सप्रेस ट्रेनों का ठहराव होता था. यात्रियों की सुविधा के लिए आरक्षण काउंटर भी शुरू किया गया था, लेकिन कोविड के बाद कई ट्रेनों के ठहराव बहाल नहीं होने से यात्रियों की आवाजाही और टिकट बिक्री प्रभावित हुई है.
स्थानीय लोगों के अनुसार, अब कई यात्रियों को ट्रेन पकड़ने के लिए चांडिल, सीनी या टाटानगर जाना पड़ता है. इससे समय और पैसे दोनों की अतिरिक्त खपत होती है. यात्रियों ने रेल प्रशासन से काण्ड्रा स्टेशन पर पूर्व की तरह ट्रेनों का ठहराव बहाल करने की मांग की.
आउटर पर उतरने से हादसे का खतरा
यात्रियों ने स्टेशन पर ट्रेनों का ठहराव नहीं होने से जुड़ी सुरक्षा संबंधी चिंताओं को भी सामने रखा. उनका कहना था कि कुछ यात्री आउटर सिग्नल के पास ट्रेन रुकने या धीमी गति से गुजरने के दौरान उतरने का जोखिम उठाते हैं. इसी तरह टाटानगर-सीनी रेलखंड के जंक्शन प्वाइंट पर ट्रेन की गति कम होने पर भी कुछ यात्रियों के चलती ट्रेन से सामान लेकर उतरने की बात सामने आई.
यात्रियों ने आशंका जताई कि इस तरह की लापरवाही कभी भी गंभीर दुर्घटना का कारण बन सकती है. उन्होंने रेल प्रशासन से उचित ठहराव की व्यवस्था करने और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की.
रैंप और अंडरपास निर्माण का सुझाव
रेल जनसंवाद के दौरान यात्रियों ने स्टेशन पर यात्री सुविधाओं के विस्तार का मुद्दा भी उठाया. दिव्यांग यात्रियों की सुविधा के लिए प्लेटफॉर्म संख्या एक से चार तक पहुंचने हेतु रैंप निर्माण की मांग की गई. इसके अलावा स्टेशन के दोनों छोर पर स्थित बस्तियों के लोगों को रेलवे ओवरब्रिज पार करने की परेशानी से राहत दिलाने के लिए अंडरपास पाथवे का निर्माण कराने का सुझाव दिया गया.
यात्रियों ने आदित्यपुर से हटिया जाने वाली ट्रेन का समय भी पूर्ववत करने की मांग रखी. उनका कहना था कि ट्रेन के पुराने समय से यात्रियों को आवागमन में सुविधा मिल सकती है.
रेलकर्मी को सौंपा मांग पत्र
कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सदस्यों ने अपनी मांगों और सुझावों से संबंधित पत्र सीनियर डीएमएम अखिल जैन के अधिकृत रेल कर्मचारी आकाश देव महतो को सौंपा. यात्रियों ने उम्मीद जताई कि रेल प्रशासन जनसंवाद में उठाए गए मुद्दों पर गंभीरता से विचार करेगा और काण्ड्रा स्टेशन पर यात्री सुविधाओं में सुधार के साथ बंद किए गए ट्रेन ठहराव को बहाल करने की दिशा में आवश्यक पहल करेगा.
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय

