चाईबासा: पश्चिमी सिंहभूम जिले के सोनुआ प्रखंड में ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में ‘एग कार्ट योजना’ के माध्यम से नई पहल की जा रही है. जिला प्रशासन, राष्ट्रीय अंडा समन्वय समिति, ‘प्रदान’ संस्था और एलांग दोलांग कृषक उत्पादक कंपनी के संयुक्त प्रयास से महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर उपलब्ध कराए जा रहे हैं.



इसी कड़ी में सोनुआ प्रखंड के सोनापोस गांव में यशोदा देवी के एग कार्ट स्टॉल का उद्घाटन सोनापोस पंचायत की मुखिया नूर हांसदा ने फीता काटकर किया. इस पहल का उद्देश्य ग्रामीण महिलाओं को अपना व्यवसाय शुरू करने और नियमित आय अर्जित करने का अवसर प्रदान करना है.
10 महिलाओं को मिले आधुनिक एग कार्ट
झारखंड सरकार की ‘एग कार्ट योजना’ के तहत सोनुआ क्षेत्र की स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 10 महिलाओं को लगभग 51,000 रुपये की लागत वाले आधुनिक एग कार्ट और आवश्यक उपकरण निःशुल्क उपलब्ध कराए गए हैं. इससे चयनित महिलाएं अंडों और उनसे जुड़े खाद्य पदार्थों की बिक्री कर अपना स्वरोजगार शुरू कर सकेंगी.
प्रशिक्षण और पंजीकरण की भी सुविधा
योजना के तहत लाभुक महिलाओं के चयन में पारदर्शिता बरतने पर जोर दिया गया है. इसके लिए न्यूनतम दसवीं पास और स्वयं सहायता समूहों से सक्रिय रूप से जुड़ी महिलाओं को प्राथमिकता दी गई है.
व्यवसाय को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संचालित करने के लिए ‘प्रदान’ संस्था की ओर से महिलाओं को आवश्यक प्रशिक्षण दिया जा रहा है. साथ ही खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI) से संबंधित पंजीकरण और उद्यम पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई जा रही है.
आर्थिक आत्मनिर्भरता की दिशा में पहल
एग कार्ट योजना से ग्रामीण महिलाओं को स्थानीय स्तर पर रोजगार का अवसर मिलेगा. इससे उन्हें परिवार की आय बढ़ाने और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनने में मदद मिल सकती है. उचित प्रशिक्षण और बाजार तक पहुंच मिलने से यह पहल महिलाओं के लिए स्थायी आजीविका का माध्यम बन सकती है.
कार्यक्रम के दौरान प्रदान संस्था के कर्मी रूपेश प्रधान, रोहन प्रधान, राजकुमारी प्रधान सहित कई ग्रामीण उपस्थित थे.
रिपोर्ट: जयंत प्रमाणिक

