चाईबासा: जल, जंगल और जमीन की लड़ाई के प्रमुख आंदोलनकारी रहे देवेंद्र माझी का बुधवार को 32वां शहादत दिवस मनाया जा रहा है. सुबह उनके पैतृक आवास पर परिवार के सदस्यों ने श्रद्धांजलि अर्पित कर उन्हें याद किया. इसके बाद चक्रधरपुर स्थित समाधि स्थल पर भी श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया.


समाधि स्थल पर उनकी पत्नी एवं सांसद जोबा माझी, पुत्र एवं विधायक जगत माझी, शिक्षाविद प्रोफेसर कालीपद सोरेन, गम्हरिया प्रखंड कांग्रेस के उपाध्यक्ष इंद्रकांत झा समेत परिवार के सदस्यों ने पुष्प अर्पित कर देवेंद्र माझी को नमन किया. इस दौरान उनके संघर्ष और विचारों को आगे बढ़ाते हुए उनके सपनों का झारखंड बनाने का संकल्प लिया गया. इसके बाद परिवार के सदस्य गोईलकेरा में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के लिए रवाना हुए.

इस बार सादगी से मनाया जा रहा शहादत दिवस
इस वर्ष देवेंद्र माझी का शहादत दिवस सादगीपूर्वक मनाने का निर्णय लिया गया है. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता स्व. रूपी सोरेन का श्राद्धकर्म चलने तथा पिछले महीने राज्य के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के निधन के कारण इस बार बड़े सार्वजनिक कार्यक्रम के बजाय पारंपरिक पूजा और श्रद्धांजलि तक आयोजन सीमित रखा गया है. गोईलकेरा हाट मैदान में मुख्य श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया है, जहां देवेंद्र माझी को श्रद्धासुमन अर्पित किए जाएंगे.

उल्लेखनीय है कि देवेंद्र माझी ने कोल्हान क्षेत्र में जल, जंगल और जमीन से जुड़े सवालों तथा आदिवासी-मूलवासी अधिकारों को लेकर लंबे समय तक आंदोलन किया था. उनकी हत्या के बाद उनकी पत्नी जोबा माझी ने राजनीतिक और सामाजिक क्षेत्र में उनकी विरासत को आगे बढ़ाया. आज भी पश्चिमी सिंहभूम में देवेंद्र माझी को जनआंदोलनों और अधिकारों की लड़ाई के लिए याद किया जाता है.

