चाईबासा: आगामी दुर्गापूजा पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से पश्चिमी सिंहभूम जिला प्रशासन और उत्पाद विभाग ने अवैध मदिरा के खिलाफ शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। इसी क्रम में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में चलाए जा रहे विशेष छापेमारी अभियान के दौरान अवैध शराब के खिलाफ ताबड़तोड़ कार्रवाई की गई है।


विशेष अभियान के तहत उत्पाद विभाग की टीम ने सोनुआ थाना क्षेत्र के दुर्गम इलाकों—झींगामिचा और रामचंद्रपुर गांव—में संचालित अवैध महुआ चुलाई शराब की दो भट्ठियों को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया। इसके अलावा, सोनुआ के झींगामिचा और कराईकेला थाना क्षेत्र के पुरानडीह गांव में अवैध शराब की बिक्री करते हुए दो लोगों को रंगेहाथ गिरफ्तार किया गया है. पकड़े गए सभी आरोपियों के खिलाफ उत्पाद अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत कुल चार मामले (अभियोग) दर्ज किए गए हैं।
छापेमारी के दौरान उत्पाद विभाग ने बड़े पैमाने पर अवैध सामग्री जब्त और नष्ट की है अवैध चुलाई शराब लगभग 53 लीटर बरामद और लगभग 800 किलोग्राम किण्वित जावा-महुआ को मौके पर ही नष्ट किया गया, जिसे अवैध शराब बनाने के लिए छिपाकर रखा गया था. अवैध बिक्री में संलिप्त 2 अभियुक्त गिरफ्तार हुआ है, कुल 4 नए अभियोग दर्ज।
त्योहारी सीजन में मिलावटी या अवैध शराब की खपत रोकने के लिए वैध रूप से संचालित खुदरा शराब दुकानों की औचक जांच भी की जा रही है। इसी कड़ी में सोनुआ स्थित दो कंपोजिट शराब दुकानों का निरीक्षण किया.
निरीक्षण के दौरान दुकान संचालकों और विक्रेताओं को सख्त निर्देश दिए गए कि दुकान का संचालन पूरी तरह नियमानुसार हो. त्योहार के मद्देनजर सभी प्रचलित ब्रांडों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित की जाए. मदिरा की बिक्री हर हाल में निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (MRP) पर ही की जाए.
लाइसेंस की सभी शर्तों का कड़ाई से पालन हो.
जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि दुर्गापूजा के दौरान अवैध शराब के निर्माण, भंडारण और बिक्री पर रोक लगाने के लिए यह निगरानी और छापेमारी अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा.
रिपोर्ट : जयंत प्रमाणिक

