जमशेदपुर: बोधि सोसाइटी, जमशेदपुर की ओर से आयोजित दस दिवसीय विपस्सना ध्यान शिविर का समापन श्रद्धा एवं आध्यात्मिक वातावरण में हुआ. इस अवसर पर त्रैमासिक वर्षावास उपोसथ संघदान समारोह का भी आयोजन किया गया, जिसमें देश के विभिन्न बौद्ध विहारों से पहुंचे भिक्षुओं ने भाग लिया. समारोह के दौरान भगवान बुद्ध की शिक्षाओं, करुणा, मैत्री, आत्मनिरीक्षण और विश्व शांति के महत्व पर प्रकाश डाला गया.


कार्यक्रम में भारतीय संघराज भिक्षु महासभा के उप-संघराज परम पूज्य भदंत डॉ. रत्नश्री महाथेरो, भदंत डॉ. सुमनपाल महाथेरो, भदंत पवित्रश्री भिक्खु, भदंत अरूपानंद भिक्खु, भदंत डॉ. बुद्धपाल महाथेरो एवं भदंत परमानंद भिक्खु की गरिमामयी उपस्थिति रही. भिक्षु संघ की उपस्थिति में आयोजित समारोह में श्रद्धालुओं ने बौद्ध परंपराओं के प्रति अपनी आस्था व्यक्त की.
दस दिनों तक आर्य मौन में रहकर साधकों ने की ध्यान-साधना
विपस्सना ध्यान शिविर में शामिल साधकों ने लगातार दस दिनों तक आर्य मौन का पालन किया. इस दौरान प्रतिदिन सुबह चार बजे से रात नौ बजे तक निर्धारित दिनचर्या के अनुसार ध्यान-साधना की गई.
शिविर में साधकों को मानसिक एकाग्रता, आत्मनिरीक्षण और मन की गतिविधियों को समझने के लिए विपस्सना ध्यान पद्धति का अभ्यास कराया गया. विपस्सना आचार्य पराग पटेल एवं सहायक आचार्य डॉ. तापस बरुआ ने साधकों का मार्गदर्शन किया. आयोजकों के अनुसार, शिविर का उद्देश्य साधकों को आत्मअनुशासन, मानसिक संतुलन और आंतरिक शांति की दिशा में प्रेरित करना था.
वर्षावास उपोसथ संघदान समारोह में बौद्ध परंपराओं की दिखी झलक
दस दिवसीय ध्यान शिविर के समापन के साथ त्रैमासिक वर्षावास उपोसथ संघदान समारोह आयोजित किया गया. बौद्ध परंपरा में वर्षावास का विशेष धार्मिक और आध्यात्मिक महत्व है. इस अवधि में भिक्षु ध्यान, साधना और धर्म के अध्ययन में समय व्यतीत करते हैं.
समारोह के दौरान भिक्षु संघ के प्रति श्रद्धा व्यक्त की गई और संघदान की परंपरा का निर्वहन किया गया. उपस्थित श्रद्धालुओं को भगवान बुद्ध की शिक्षाओं को अपने दैनिक जीवन में अपनाने तथा समाज में प्रेम, सद्भाव और शांति का वातावरण बनाए रखने का संदेश दिया गया.
करुणा, मैत्री और विश्व शांति का दिया संदेश
समारोह में करुणा, मैत्री और आत्मनिरीक्षण को जीवन में अपनाने पर जोर दिया गया. आयोजन के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि व्यक्तिगत जीवन में शांति और संयम के साथ सामाजिक सद्भाव बनाए रखना भी आवश्यक है.
बोधि सोसाइटी के पदाधिकारियों ने दस दिवसीय शिविर के सफल आयोजन में योगदान देने वाले भिक्षु संघ, ध्यान आचार्यों, दानदाताओं, स्वयंसेवकों और संस्था के सदस्यों के प्रति आभार व्यक्त किया.
इस अवसर पर बोधि सोसाइटी के अध्यक्ष आलोक रंजन बरुआ, महासचिव साधन बरुआ सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं संस्था के सदस्य उपस्थित रहे.

