गम्हरिया: पितृपक्ष के अवसर पर चित्रगुप्त महासमिति की ओर से शनिवार को गम्हरिया स्थित चित्रगुप्त भवन में ‘एक दीया, पूर्वजों के नाम’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस अवसर पर सैकड़ों लोगों ने अपने पूर्वजों की स्मृति में दीप प्रज्वलित कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. कार्यक्रम के दौरान पूरा वातावरण श्रद्धा और भावनाओं से सराबोर रहा.


कार्यक्रम की अध्यक्षता चित्रगुप्त महासमिति के अध्यक्ष कृष्ण मुरारी श्रीवास्तव ने की. उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा और सम्मान की परंपरा सदियों पुरानी है. पितृपक्ष के दौरान लोग अपने दिवंगत परिजनों का स्मरण करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना करते हैं. इसी भावना को जीवंत बनाए रखने के उद्देश्य से महासमिति द्वारा ‘एक दीया, पूर्वजों के नाम’ कार्यक्रम आयोजित किया गया.
पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का अवसर : कृष्ण मुरारी श्रीवास्तव
समिति के अध्यक्ष कृष्ण मुरारी श्रीवास्तव ने कहा कि पूर्वजों के संस्कार, आदर्श और मार्गदर्शन ही परिवार एवं समाज की मजबूत नींव होते हैं. उनके योगदान को याद रखना और आने वाली पीढ़ियों को पारिवारिक मूल्यों से परिचित कराना सभी का दायित्व है.
उन्होंने कहा कि दीप प्रज्वलन केवल धार्मिक परंपरा नहीं, बल्कि अपने पूर्वजों के प्रति कृतज्ञता और सम्मान व्यक्त करने का माध्यम भी है.
दो मिनट का मौन रखकर की गई प्रार्थना
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने अपने दिवंगत परिजनों की स्मृति में एक-एक दीप जलाया. इसके बाद दो मिनट का मौन रखकर पूर्वजों की आत्मा की शांति के लिए सामूहिक प्रार्थना की गई.
इस अवसर पर महासमिति के महासचिव संजय कुमार वर्मा, उपाध्यक्ष महेंद्र प्रसाद कर्ण सहित अन्य सदस्यों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और पूर्वजों की स्मृतियों को संजोए रखने का संदेश दिया.
कार्यक्रम में आशीष कुमार श्रीवास्तव, प्रभाष कुमार श्रीवास्तव, अमित कुमार, भूदेव वर्मा, मुकेश कुमार सहित बड़ी संख्या में समाज के लोग उपस्थित रहे.

