सरायकेला: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की माता एवं दिवंगत दिशोम गुरु शिबू सोरेन की धर्मपत्नी रूपी सोरेन के निधन पर शुक्रवार को झारखंड मुक्ति मोर्चा के सरायकेला स्थित जिला कार्यालय में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई. जिलाध्यक्ष के नेतृत्व में पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने रूपी सोरेन के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया. इस दौरान एक मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की गई और शोकाकुल परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की गई.


श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष ने कहा कि रूपी सोरेन का निधन झारखंड और झामुमो परिवार के लिए अपूरणीय क्षति है. झारखंड अलग राज्य आंदोलन के कठिन दौर में उन्होंने दिशोम गुरु शिबू सोरेन के साथ कंधे से कंधा मिलाकर संघर्ष किया. आंदोलन के उतार-चढ़ाव और चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में उनका सहयोग, त्याग और समर्पण हमेशा याद किया जाएगा.
झामुमो कार्यकर्ताओं के लिए मातृत्व और प्रेरणा का स्रोत थीं रूपी सोरेन
जिलाध्यक्ष ने कहा कि रूपी सोरेन को पार्टी के नेता और कार्यकर्ता स्नेहपूर्वक गुरु मां कहकर संबोधित करते थे. उनका सरल स्वभाव, आत्मीय व्यवहार और मातृत्वपूर्ण स्नेह कार्यकर्ताओं को संगठन के प्रति समर्पित रहने की प्रेरणा देता था.
उन्होंने कहा कि झामुमो की केंद्रीय उपाध्यक्ष के रूप में भी रूपी सोरेन ने संगठन को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया. उनका जीवन संघर्ष, सेवा और समर्पण का उदाहरण रहा है. उनके आदर्शों को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी.
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के परिवार के साथ खड़ा है जिला झामुमो परिवार
जिलाध्यक्ष ने कहा कि इस दुख की घड़ी में सरायकेला-खरसावां जिला झामुमो परिवार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और उनके परिजनों के साथ मजबूती से खड़ा है. रूपी सोरेन का स्नेह, आशीर्वाद और संघर्षपूर्ण जीवन आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा.
श्रद्धांजलि सभा में झामुमो केंद्रीय सदस्य सुधीर महतो, जिला उपाध्यक्ष भोला मोहंती, नगर पंचायत उपाध्यक्ष अविनाश कवि, नगर अध्यक्ष शम्भू आचार्य, मांगीलाल महतो, उमेश भोल, तपन कमिला, कृष्णा राणा, विशु कबी, हेमंत सिंह, गोरंग दास, सुभाष महतो, विजय महतो एवं अमूल्य महतो सहित बड़ी संख्या में पार्टी नेता और कार्यकर्ता उपस्थित रहे. सभी ने दिवंगत रूपी सोरेन को श्रद्धासुमन अर्पित किए.
प्रमोद सिंह (संपादक)

