जामताड़ा: मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR के विरोध में शुक्रवार की शाम जामताड़ा के सुभाष चौक पर वामपंथी दलों एवं इंडिया गठबंधन समर्थकों ने नुक्कड़ सभा कर विरोध जताया. प्रदर्शनकारियों ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग भी की. ज्ञानेश कुमार वर्तमान में भारत के मुख्य चुनाव आयुक्त हैं और चुनाव आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर SIR-2026 से संबंधित प्रक्रिया भी संचालित की जा रही है.


राष्ट्रव्यापी विरोध कार्यक्रम के तहत नुक्कड़ सभा से पहले सीपीआई(एम) सहित वामपंथी दलों के कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने जामताड़ा बाजार में जुलूस निकाला. इस दौरान केंद्र सरकार और चुनाव आयोग के खिलाफ नारे लगाए गए. प्रदर्शनकारियों ने SIR को तत्काल रद्द करने और मतदाता सूची से बाहर हुए पात्र मतदाताओं को दोबारा सूची में शामिल करने की मांग की.
प्रकाश विप्लव ने चुनाव आयोग पर लगाए आरोप
नुक्कड़ सभा को संबोधित करते हुए सीपीआई(एम) के राज्य सचिव प्रकाश विप्लव ने आरोप लगाया कि SIR की प्रक्रिया के कारण बड़ी संख्या में मतदाताओं को परेशानी का सामना करना पड़ा है और पात्र लोगों के मताधिकार पर असर पड़ने की आशंका है. उन्होंने चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और प्रत्येक पात्र नागरिक के मताधिकार की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की.
प्रकाश विप्लव ने केंद्र सरकार के इशारे पर चुनाव आयोग के काम करने का आरोप भी लगाया. हालांकि यह वामपंथी दलों का राजनीतिक आरोप है. चुनाव आयोग की ओर से SIR के बाद छूटे पात्र मतदाताओं को मतदाता सूची में शामिल करने के लिए विशेष अभियान शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई है.
प्रकाश विप्लव ने कहा कि SIR को रद्द करने और सूची से बाहर हुए पात्र मतदाताओं के नाम दोबारा शामिल करने की उनकी मांग है. उन्होंने कहा कि मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर इंडिया गठबंधन के आह्वान पर आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा.
कार्यक्रम में वामपंथी दलों के राज्य स्तरीय नेताओं, केंद्रीय कमेटी के सदस्यों, जिला कमेटी के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और इंडिया गठबंधन समर्थकों ने हिस्सा लिया.
SIR को लेकर देश के दूसरे हिस्सों में भी विरोध प्रदर्शन और मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग सामने आई है. वहीं चुनाव आयोग ने छूटे पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल करने के लिए राज्यों को विशेष अभियान चलाने का निर्देश दिया है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

