सरायकेला: जिले के कुचाई प्रखंड के तिलोपदा पंचायत अंतर्गत दुखियाडीह गांव में सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति की ओर से शुक्रवार को पत्थरगाड़ी का प्रथम स्थापना दिवस पारंपरिक उत्साह के साथ मनाया गया. सामुदायिक वन अधिकारों की रक्षा और ग्राम स्वशासन को सशक्त बनाने के उद्देश्य से आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में खरसावां विधायक दशरथ गागराई शामिल हुए. बड़ी संख्या में ग्रामीणों, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आसपास के गांवों के लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया.


कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक रीति-रिवाज के अनुसार पूजा-अर्चना के साथ हुई. इसके बाद पत्थरगाड़ी स्थल पर पुष्प अर्पित कर ग्रामीणों ने अपनी परंपरा, संस्कृति और सामुदायिक अधिकारों के संरक्षण का संकल्प लिया.
पत्थरगाड़ी केवल पत्थर नहीं, ग्रामसभा के अधिकारों का प्रतीक
विधायक दशरथ गागराई ने कहा कि पत्थरगाड़ी केवल एक पत्थर नहीं, बल्कि ग्रामसभा की पहचान, परंपरा, संस्कृति और अधिकारों का प्रतीक है. जल, जंगल और जमीन आदिवासी समाज की जीवनरेखा हैं. इनके संरक्षण और संवर्धन के लिए ग्रामीणों की सामुदायिक भागीदारी बेहद जरूरी है. उन्होंने ग्रामीणों से एकजुट होकर वन संसाधनों की रक्षा करने की अपील की. साथ ही सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उठाकर गांव के विकास में भागीदारी निभाने को कहा.

विधायक ने कहा कि सामुदायिक वन संसाधन अधिकार मिलने के बाद ग्रामीणों की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है. वन और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ आजीविका के नए अवसर विकसित कर गांवों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में काम करने की जरूरत है. उन्होंने वन संरक्षण और ग्राम विकास के लिए सामुदायिक वन संसाधन प्रबंधन समिति द्वारा किए जा रहे प्रयासों की सराहना की.
अवैध कटाई रोकने से पौधरोपण तक गांव की भागीदारी
कार्यक्रम के दौरान समिति के पदाधिकारियों ने पत्थरगाड़ी की स्थापना के उद्देश्य के साथ पिछले एक वर्ष में किए गए कार्यों की जानकारी दी. समिति के अनुसार ग्रामसभा के माध्यम से वन संरक्षण, अवैध कटाई पर रोक, पौधरोपण, वन उपज के संरक्षण और ग्रामीणों की भागीदारी सुनिश्चित करने की दिशा में लगातार काम किया जा रहा है.

समिति के सदस्यों ने आने वाले समय में सामुदायिक वन अधिकारों को और मजबूत करने के साथ पर्यावरण एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए अभियान जारी रखने का संकल्प लिया.
कार्यक्रम में विधायक प्रतिनिधि धर्मेंद्र कुमार मुंडा, वनाधिकार विधायक प्रतिनिधि भरत सिंह मुंडा, प्रखंड सचिव मुन्ना सोय, मुखिया राम सोय, संरक्षक मंगल हांसदा, मांगीलाल सुमबरूई, मानकी बानरा, अशोक कुमार मानकी, सुखराम मुंडा, राजमोहन गुंदुवा, गणेश सोय, मोहनलाल हांसदा, निर्दोष हांसदा, संतोष हांसदा, उमेश सोय, प्यारेलाल सोय, सुरेश हांसदा, आदर्श हांसदा, सोमा सोय, तुरी हांसदा, सुखराम हांसदा और गुलाब हांसदा समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे.

