जामताड़ा: ज्ञान रेनू विद्या निकेतन में शुक्रवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की जयंती श्रद्धा, उमंग और उत्साह के साथ मनाई गई. इस अवसर पर विद्यालय परिसर में स्वच्छता एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. विद्यार्थियों ने स्वच्छता अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेते हुए विद्यालय परिसर की साफ-सफाई की और स्वच्छता, अनुशासन तथा सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश दिया.


विद्यार्थियों ने अलग-अलग समूह बनाकर विद्यालय प्रांगण की सफाई की. इस दौरान बच्चों ने स्वच्छता को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न हिस्सा बनाने और अपने आसपास के लोगों को भी इसके प्रति जागरूक करने का संकल्प लिया. बच्चों की सक्रिय भागीदारी और उत्साह ने कार्यक्रम को विशेष बना दिया.
गांधी के विचारों को जीवन में उतारने का संदेश
कार्यक्रम में विद्यालय के निदेशक श्यामल मंडल, शिक्षिका किरण मंडल सहित शिक्षक-शिक्षिकाएं मौजूद रहे. निदेशक श्यामल मंडल ने महात्मा गांधी के जीवन और सत्य, अहिंसा तथा स्वच्छता के उनके विचारों पर प्रकाश डाला.
उन्होंने कहा कि गांधी के आदर्श केवल पुस्तकों तक सीमित नहीं हैं. उन्हें व्यवहार और जीवनशैली में उतारना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि है. उन्होंने विद्यार्थियों से स्वच्छता के प्रति स्वयं सजग रहने के साथ परिवार और आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने का आह्वान किया.
किताबी ज्ञान के साथ संस्कार और सामाजिक जिम्मेदारी भी जरूरी
शिक्षकों ने विद्यार्थियों को स्वच्छता के साथ अनुशासन, जिम्मेदारी, सहयोग और सामाजिक सरोकारों के महत्व के बारे में बताया. कार्यक्रम में विद्यार्थियों के साथ अभिभावकों की सहभागिता ने विद्यालय और समाज के बीच बेहतर समन्वय का संदेश दिया.
विद्यालय परिवार ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्य पुस्तकों का ज्ञान देना नहीं, बल्कि बच्चों में अच्छे संस्कार, सामाजिक चेतना और जिम्मेदारी की भावना विकसित करना भी है. इसी सोच के साथ गांधी जयंती पर स्वच्छ, सुंदर, अनुशासित और संस्कारवान विद्यालय के निर्माण का संकल्प लिया गया. कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों, शिक्षकों और विद्यालय परिवार ने महात्मा गांधी के सत्य, अहिंसा, स्वच्छता और सेवा के आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लिया.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

