जमशेदपुर: स्क्रैप कारोबारी ज्ञानचंद जायसवाल उर्फ बबलू जायसवाल से जुड़े ठिकानों पर बुधवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने एक बार फिर दबिश दी है. जानकारी के अनुसार जमशेदपुर के बिष्टुपुर सर्किट हाउस क्षेत्र स्थित आवास सहित आदित्यपुर और कोलकाता से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ कार्रवाई की जा रही है.


बताया जा रहा है कि सुबह से ही ED की अलग-अलग टीमें बबलू जायसवाल से जुड़े कार्यालयों और अन्य परिसरों में दस्तावेजों की जांच कर रही हैं. टीम कारोबार से जुड़ी फाइलों, वित्तीय लेन-देन और अन्य दस्तावेजों को खंगाल रही है. फिलहाल कार्रवाई जारी रहने के कारण ED की ओर से बरामदगी अथवा जब्ती को लेकर कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है.
पहले भी पड़ चुकी है ED की रेड
ज्ञानचंद जायसवाल के ठिकानों पर ED की यह पहली कार्रवाई नहीं है. इससे पहले 7 अगस्त 2025 को भी ED ने उनसे जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की थी. उस दौरान बिष्टुपुर, बर्मामाइंस, जुगसलाई और आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र सहित विभिन्न परिसरों में जांच की गई थी.

पूर्व की कार्रवाई कथित GST घोटाले और फर्जी इनवॉयस के जरिए इनपुट टैक्स क्रेडिट के कथित दुरुपयोग की जांच से जुड़ी बताई गई थी. उस समय भी ED ने कारोबार से संबंधित दस्तावेजों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों की जांच की थी.
DGGI ने 2024 में किया था गिरफ्तार
इस मामले की जड़ें वर्ष 2024 में हुई DGGI की कार्रवाई से जुड़ी हैं. डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ GST इंटेलिजेंस (DGGI) ने 25 जून 2024 को ज्ञानचंद जायसवाल को गिरफ्तार किया था. उनके खिलाफ CGST Act की धारा 132(1)(b), 132(1)(c) और 132(5) के तहत शिकायत दर्ज की गई थी.
झारखंड हाईकोर्ट के सितंबर 2024 के एक आदेश में दर्ज अभियोजन पक्ष के मामले के मुताबिक जांच कथित फर्जी फर्मों और उनके जरिए अनुचित इनपुट टैक्स क्रेडिट लेने तथा आगे हस्तांतरित करने से संबंधित थी.
जांच में जय भोले इंटरप्राइजेज नामक फर्म से करीब 124.86 करोड़ रुपये की कर योग्य आपूर्ति और लगभग 22.45 करोड़ रुपये की GST देनदारी का उल्लेख सामने आया था. जांच एजेंसी ने कई संबंधित फर्मों के अस्तित्व और लेन-देन पर भी सवाल उठाए थे.
आदित्यपुर की कंपनी तक पहुंची थी जांच
DGGI की जांच में आदित्यपुर औद्योगिक क्षेत्र स्थित मां शारदा एंडेवर प्राइवेट लिमिटेड का नाम भी सामने आया था. हाईकोर्ट के आदेश में दर्ज अभियोजन पक्ष के अनुसार 27 अक्टूबर 2023 को कंपनी के परिसर की तलाशी ली गई थी और वहां से विभिन्न टैक्स इनवॉयस बरामद किए जाने का दावा किया गया था.
अब एक बार फिर ED की कार्रवाई से इस पूरे मामले को लेकर हलचल बढ़ गई है. बुधवार की कार्रवाई में ED को क्या दस्तावेज अथवा डिजिटल साक्ष्य मिले हैं और जांच किन नए लोगों या कारोबारी संस्थानों तक पहुंचती है, यह कार्रवाई पूरी होने तथा एजेंसी की आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद स्पष्ट होगा.

