सरायकेला: विकास योजनाएं वर्षों तक लंबित रहें और सरकारी राशि खर्च होने के बावजूद उसका अपेक्षित लाभ जनता तक नहीं पहुंचे, अब ऐसी कार्यशैली पर झारखंड विधानसभा की प्राक्कलन समिति ने सख्त रुख अपनाया है. सरायकेला परिसदन सभागार में समिति के सभापति हेमलाल मुर्मू की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में अधिकारियों और कार्यदायी एजेंसियों को योजनाओं को निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने की दो टूक हिदायत दी गई.


विशेष रूप से राज्य संपोषित योजनाओं की समीक्षा करते हुए समिति ने तय समय-सीमा से पीछे चल रहे कार्यों को दिसंबर तक पूरा कराने का निर्देश दिया. समिति ने कहा कि योजनाओं में अनावश्यक विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं होगा.
देरी करने वाले संवेदकों पर कार्रवाई का निर्देश
समिति ने निर्धारित समय पर कार्य पूरा नहीं करने अथवा अनावश्यक विलंब करने वाले संवेदकों पर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया. ऐसे संवेदकों को आगामी योजनाओं में काम नहीं देने की दिशा में भी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया.
कागज पर नहीं, जमीन पर दिखे योजनाओं का असर
समीक्षा के दौरान समिति ने योजनाओं की प्रगति के साथ उनकी जमीनी स्थिति और निर्माण गुणवत्ता पर विशेष जोर दिया. सभी कार्यपालक अभियंताओं को नियमित रूप से स्थल निरीक्षण करने, संवेदकों के साथ बैठक करने तथा निर्माण कार्य की गुणवत्ता की लगातार निगरानी करने का निर्देश दिया गया.
समिति ने स्पष्ट किया कि किसी योजना का केवल कागज पर पूरा होना पर्याप्त नहीं है. यह भी देखना जरूरी है कि योजना अपने निर्धारित उद्देश्य को पूरा कर रही है या नहीं और उसका वास्तविक लाभ आम लोगों तक पहुंच रहा है या नहीं.
लंबित योजनाओं के लिए अभियंताओं की तय होगी जिम्मेदारी
लंबे समय से लंबित योजनाओं के लिए संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंताओं को विशेष जिम्मेदारी दी गई. उन्हें संवेदकों के साथ समन्वय स्थापित कर निर्माण कार्य में तेजी लाने और लंबित योजनाओं को जल्द पूरा कराने का निर्देश दिया गया.
ऐसी योजनाओं की उपायुक्त स्तर से नियमित समीक्षा करने तथा आवश्यकता पड़ने पर ठोस निर्णय लेने को भी कहा गया.
जनप्रतिनिधियों को योजनाओं की जानकारी देने पर जोर
समिति ने कहा कि जिले में संचालित विकास योजनाओं की जानकारी स्थानीय जनप्रतिनिधियों को भी उपलब्ध होनी चाहिए. विधायक और सांसद स्तर से योजनाओं की समीक्षा हो सके, इसके लिए विभागीय अधिकारियों को आवश्यक समन्वय बनाए रखने का निर्देश दिया गया.
पूरी हो चुकी योजनाओं का स्थानीय जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में उद्घाटन और नई योजनाओं का समय पर शिलान्यास कराने को भी कहा गया.
खनन प्रभावित क्षेत्रों में विकास और अवैध परिवहन पर कार्रवाई
खनन एवं भूतत्व विभाग की समीक्षा के दौरान खनन गतिविधियों से प्रभावित गांवों और टोलों के नियमानुसार विकास का मुद्दा उठाया गया. समिति ने प्रभावित क्षेत्रों में विकास कार्य सुनिश्चित करने के साथ अवैध खनन और अवैध खनिज परिवहन के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्देश दिया.
पर्यटन स्थलों पर मूलभूत सुविधाएं विकसित करने का निर्देश
जिले के पर्यटन स्थलों की समीक्षा करते हुए समिति ने कहा कि पर्यटन विकास केवल प्रचार तक सीमित नहीं रहना चाहिए. पर्यटकों को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने और पर्यटन स्थलों को सुविधायुक्त बनाने की दिशा में प्रभावी पहल करने का निर्देश दिया गया.
स्वास्थ्य सेवाओं की व्यवस्था दुरुस्त करने पर जोर
स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा में सदर अस्पताल, सीएचसी और अन्य स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्था पर चर्चा हुई. समिति ने चिकित्सकों और आवश्यक स्वास्थ्यकर्मियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने तथा लोगों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने का निर्देश दिया.
मुख्यमंत्री गंभीर बीमारी योजना समेत अन्य सरकारी स्वास्थ्य एवं कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर भी विशेष जोर दिया गया.
खेल-खेल में शिक्षा और स्वच्छता के प्रति जागरूकता पर जोर
स्कूली शिक्षा विभाग की समीक्षा के दौरान बच्चों को खेल-खेल में शिक्षा देने, स्वच्छता के प्रति जागरूक करने और अच्छे व्यवहार की सीख देने की दिशा में पहल करने का निर्देश दिया गया.
बैठक में सभी विभागों को निर्धारित लक्ष्य समय पर पूरा करने और पात्र लाभुकों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने को कहा गया. समिति ने अधिकारियों को योजनाओं की प्रगति पर लगातार नजर रखने तथा विभागों के बीच बेहतर समन्वय बनाकर लंबित कार्यों को पूरा कराने का निर्देश दिया.
अपर उपायुक्त ने दिया अनुपालन का भरोसा
बैठक में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार ने समिति के निर्देशों के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा अनुपालन से समिति को अवगत कराने का भरोसा दिया.
अब निगाह इस बात पर रहेगी कि बैठक में दिए गए निर्देशों का असर जमीन पर कितनी तेजी से दिखाई देता है और दिसंबर तक जिले की लंबित विकास योजनाओं की तस्वीर में कितना बदलाव आता है.
रिपोर्ट: प्रमोद सिंह (संपादक)

