जमशेदपुर: गोलमुरी स्थित केनरा बैंक में हुई डकैती की जांच अब उच्चस्तरीय हो गई है. शुक्रवार को जोनल आईजी मनोज कौशिक और कोल्हान डीआईजी अनुरंजन किस्पोट्टा जमशेदपुर पहुंचे. दोनों वरिष्ठ अधिकारियों ने बैंक का निरीक्षण कर घटनास्थल और आसपास के इलाके की भौगोलिक स्थिति, अपराधियों के संभावित प्रवेश एवं भागने के रास्तों के साथ अब तक की जांच की जानकारी ली.


इस दौरान जमशेदपुर एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब, सिटी एसपी, ग्रामीण एसपी सहित जिले के अन्य पुलिस अधिकारी मौजूद रहे. अधिकारियों ने बैंक परिसर के साथ आसपास के मार्गों और सीसीटीवी कवरेज की भी जानकारी ली.
पांच अपराधी, 42 लाख नकद और करीब 23 किलो सोने की लूट
एसएसपी डॉ. एहतेशाम वकारिब के अनुसार वारदात में पांच अपराधी शामिल थे. बैंक से करीब 42 लाख रुपये नकद और लगभग 23 किलो सोना लूटा गया है. पुलिस ने बैंक से प्राप्त विवरण और अब तक की जांच के आधार पर लूटी गई संपत्ति का आकलन किया है.

एसएसपी ने बताया कि पुलिस को जांच के दौरान कुछ महत्वपूर्ण सुराग मिले हैं. सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर अपराधियों की पहचान का प्रयास किया जा रहा है. पुलिस जल्द ही संदिग्ध अपराधियों के स्केच जारी करने की तैयारी कर रही है.
सिटी एसपी के नेतृत्व में 20 सदस्यीय एसआईटी
डकैती के उद्भेदन के लिए सिटी एसपी के नेतृत्व में 20 सदस्यीय विशेष जांच दल गठित किया गया है. एसआईटी को अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के साथ लूटी गई नकदी एवं सोने की बरामदगी और पूरी साजिश की कड़ी जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई है.
जांच का एक महत्वपूर्ण पहलू यह भी है कि अपराधियों को बैंक के भीतर नकदी और सोना रखे जाने की व्यवस्था की जानकारी पहले से थी या उन्होंने कर्मचारियों को कब्जे में लेने के बाद इसकी जानकारी हासिल की. वारदात से पहले संभावित रेकी, बैंक की सुरक्षा एवं अलार्म प्रणाली और अपराधियों के भागने के पूरे रूट की भी पड़ताल की जा रही है. फिलहाल पुलिस ने जांच से जुड़े सभी सुराग सार्वजनिक नहीं किए हैं. एसएसपी का कहना है कि जांच तेजी से आगे बढ़ रही है और मिले सुरागों के आधार पर अपराधियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है.

