गांधी मैदान मेला परिसर से बाहर पहुंचकर रो रही थी बच्ची, पुलिसकर्मियों ने सुरक्षित रखकर पिता से कराया मिलान


जामताड़ा: गणेश पूजा मेले की भारी भीड़ के बीच अपने पिता से बिछड़ी छह वर्षीय बच्ची को पुलिसकर्मियों की संवेदनशीलता और तत्परता के कारण सुरक्षित उसके पिता तक पहुंचा दिया गया. बच्ची के सकुशल मिलने के बाद पिता ने राहत की सांस ली और भावुक होकर उसे सीने से लगा लिया. जानकारी के अनुसार बेवा निवासी मनरुद्दिन अंसारी अपनी छह वर्षीय बच्ची के साथ गांधी मैदान स्थित गणेश पूजा मेला परिसर घूमने पहुंचे थे. मेले में अचानक बढ़ी भीड़ के दबाव के बीच पिता और बच्ची का हाथ छूट गया.
भीड़ में बच्ची अपने पिता से बिछड़कर मेला परिसर से बाहर निकल गई और टावर चौक होते हुए कुंवर सिंह प्रतिमा के पास पहुंच गई। वहां वह रोने लगी. बच्ची के रोने पर मौके पर मौजूद एएसआई के. राम, हवलदार पंकज कुमार, आरक्षी कुसुम लाल यादव और सुदीन यादव की नजर उस पर पड़ी. पुलिसकर्मियों ने तत्काल संवेदनशीलता दिखाते हुए बच्ची को अपने संरक्षण में लिया और प्यार से पूछताछ की. बच्ची ने बातचीत के दौरान अपने पिता का नाम और मोबाइल नंबर बताया.पुलिसकर्मियों ने बताए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। उस समय मनरुद्दिन अंसारी मेले में अपनी बच्ची को लेकर परेशान होकर लगातार उसकी तलाश कर रहे थे. पुलिस से बच्ची के सुरक्षित मिलने की सूचना मिलते ही वह बदहवास हालत में मौके पर पहुंचे. सामने अपनी बच्ची को सुरक्षित देखकर उनकी आंखों में राहत और खुशी साफ झलक रही थी। उन्होंने बच्ची को अपने सीने से लगा लिया. बच्ची को सुरक्षित उसके पिता तक पहुंचाने में पुलिसकर्मियों की भूमिका की स्थानीय लोगों ने सराहना की.
लोगों ने कहा कि भीड़भाड़ वाले मेले में पुलिस की ड्यूटी केवल कानून-व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं रही, बल्कि पुलिसकर्मियों ने मानवीय संवेदना का परिचय देते हुए एक परिवार की चिंता और परेशानी को दूर किया. पुलिसकर्मियों की तत्परता के कारण बच्ची को समय रहते उसके परिजनों तक पहुंचाया जा सका.

