जमशेदपुर: नेताजी सुभाष विश्वविद्यालय में गुरुवार को विश्वकर्मा पूजा का उत्साह प्रयोगशालाओं और तकनीकी विभागों में देखने को मिला. विद्यार्थियों और शिक्षकों ने मशीनों, उपकरणों और तकनीकी संसाधनों के बीच भगवान विश्वकर्मा की पूजा- अर्चना की. विश्वविद्यालय के अलग- अलग विभागों में आयोजित पूजा के बाद प्रसाद और भोग का वितरण किया गया.


मैकेनिकल, सिविल, इलेक्ट्रिकल एंड इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग, कंप्यूटर टेक्नोलॉजी के साथ मास कम्युनिकेशन, नर्सिंग, फार्मेसी और विज्ञान विभाग की प्रयोगशालाओं में पूजा आयोजित हुई. इस दौरान विद्यार्थियों के साथ शिक्षक और कर्मचारी भी मौजूद रहे. विश्वविद्यालय के अधिकारियों ने विभिन्न विभागों का भ्रमण कर पूजा में हिस्सा लिया.
प्रयोगशालाओं में दिखा अलग नजारा
आमतौर पर प्रयोग और प्रायोगिक प्रशिक्षण में व्यस्त रहने वाली विश्वविद्यालय की प्रयोगशालाओं में विश्वकर्मा पूजा के अवसर पर अलग नजारा रहा. तकनीकी उपकरणों और कार्यस्थलों की साफ-सफाई कर पूजा की गई. पूजा समिति ने विभिन्न विभागों में आयोजन की व्यवस्था संभाली.

कुलाधिपति मदन मोहन सिंह ने इस अवसर पर कहा कि भगवान विश्वकर्मा निर्माण, सृजन और तकनीकी कौशल के प्रतीक हैं. उन्होंने विश्वकर्मा पूजा को श्रम, कौशल, रचनात्मकता और उत्कृष्टता के प्रति सम्मान से जोड़ते हुए विद्यार्थियों से ज्ञान के साथ नवाचार और गुणवत्तापूर्ण कार्य को महत्व देने की बात कही.
कुलपति प्रो. डॉ. प्रभात कुमार पाणि ने कहा कि विश्वविद्यालय की प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों के व्यावहारिक ज्ञान और कौशल विकास का प्रमुख केंद्र हैं. विश्वकर्मा पूजा परंपरा और तकनीकी शिक्षा के बीच समन्वय का संदेश देती है. उन्होंने विद्यार्थियों से कौशल, अनुशासन और नवाचार को अपनी शिक्षा का हिस्सा बनाने की अपील की.
कार्यक्रम में कुलसचिव नागेंद्र सिंह, परीक्षा नियंत्रक प्रो. मोजिब अशरफ, अकादमिक एडवाइजर प्रो. दिलीप शोम, डीन एडमिनिस्ट्रेशन डॉ. राकेश कुमार, डीन एकेडमिक अभिनव कुमार समेत विभिन्न विभागों के विभागाध्यक्ष, शिक्षक, कर्मचारी और विद्यार्थी शामिल हुए. पूजा के बाद सभी विभागों में प्रसाद एवं भोग का वितरण किया गया. पूरे आयोजन के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में उत्सव और उल्लास का माहौल रहा.

