सरायकेला. सरायकेला थाना क्षेत्र के टेंटोपोसी गांव में मंगलवार की भोर सर्पदंश से छह वर्षीय बच्ची की मौत हो गई. मृत बच्ची की पहचान टेंटोपोसी निवासी गणेश महतो की छह वर्षीय पुत्री पूर्वी महतो के रूप में हुई है. घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि गांव में मातम पसरा हुआ है.


जानकारी के अनुसार, पूर्वी महतो अपनी मां के साथ चारपाई पर सोई हुई थी. मंगलवार की सुबह करीब तीन बजे बच्ची अचानक रोते हुए उठी और परिजनों से कहा कि उसे कुछ काट लिया है. परिजनों ने तत्काल टॉर्च जलाकर देखा तो चारपाई पर एक चित्तीदार सांप दिखाई दिया. इसके बाद परिजनों ने सांप को मार दिया और बच्ची को इलाज के लिए तत्काल सदर अस्पताल, सरायकेला लेकर पहुंचे.
अस्पताल में चिकित्सकों ने बच्ची का उपचार शुरू किया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई. बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया. छह वर्षीय मासूम की असमय मौत से गांव के लोग भी गमगीन हैं.
बरसात के मौसम में सर्पदंश की घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है. बारिश और जलभराव के कारण सांप अपने सुरक्षित ठिकानों से निकलकर घरों, आंगन, लकड़ी-पुआल के ढेर और अन्य सूखे स्थानों में पहुंच जाते हैं. ऐसे में ग्रामीणों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है.
सर्पदंश की स्थिति में समय बेहद महत्वपूर्ण होता है. सांप के काटने के बाद झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय बर्बाद करने के बजाय पीड़ित को जल्द से जल्द नजदीकी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाना चाहिए. काटे हुए स्थान पर चीरा लगाना, जहर चूसने की कोशिश करना या कसकर रस्सी बांधना नहीं चाहिए.
रात में घर से बाहर निकलते समय टॉर्च का इस्तेमाल करने, सोने से पहले बिस्तर और आसपास की जगह की जांच करने तथा घर के आसपास कूड़ा, लकड़ी, ईंट-पत्थर और झाड़ियों का ढेर नहीं लगाने की सलाह दी जाती है. खासकर बरसात के दिनों में बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखना जरूरी है. पूर्वी महतो की मौत ने एक बार फिर बरसात के मौसम में सर्पदंश से बचाव और समय पर चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की जरूरत को सामने ला दिया है.
प्रमोद सिंह (संपादक)

