सरायकेला- खरसावां: जिले के तेजी से बढ़ते औद्योगिक और शहरी विस्तार को देखते हुए आदित्यपुर में पुलिस उपाधीक्षक (DSP) का नया पद सृजित कर पदस्थापना करने की मांग उठी है. झारखंड लीगल एडवायजरी एंड डेवलपमेंट ऑर्गेनाइजेशन (जलाडो) ने इस संबंध में अपर मुख्य सचिव, गृह, कारा एवं आपदा प्रबंधन विभाग और पुलिस महानिदेशक, झारखंड को पत्र भेजा है.


संगठन ने आदित्यपुर में DSP पद के साथ ऑटो क्लस्टर मोड़ के समीप पुलिस आउट पोस्ट स्थापित करने और कपाली ओपी को पूर्ण थाना का दर्जा देने की मांग की है. संगठन का तर्क है कि जिले में तेजी से बढ़ती आबादी, औद्योगिक विस्तार और शहरीकरण के कारण कानून- व्यवस्था की चुनौतियां भी बढ़ी हैं. ऐसे में वर्तमान पुलिस व्यवस्था को आबादी और क्षेत्र की जरूरत के अनुरूप मजबूत किया जाना आवश्यक है.
25 वर्षों में जिले की आबादी में बड़ा इजाफा
संगठन के अध्यक्ष ओम प्रकाश की ओर से भेजे गए पत्र में कहा गया है कि सरायकेला- खरसावां जिले की स्थापना के समय वर्ष 2001 में आबादी करीब 8.50 लाख थी, जो वर्ष 2026 में बढ़कर करीब 13.20 लाख होने का अनुमान है. जिले में नए उद्योगों के साथ आवासीय क्षेत्रों का भी तेजी से विस्तार हुआ है.
पत्र में दावा किया गया है कि आदित्यपुर नगर निगम क्षेत्र की आबादी करीब 4 लाख तक पहुंच चुकी है. आदित्यपुर, आरआईटी और गम्हरिया थाना क्षेत्रों में प्रतिवर्ष करीब 700 नए प्राथमिकी मामले दर्ज होते हैं. इसके अलावा क्षेत्र में हजारों उद्योग, राष्ट्रीय स्तर का इंजीनियरिंग कॉलेज, विश्वविद्यालय, दो राजकीय पॉलिटेक्निक, एक चिकित्सकीय महाविद्यालय और पांच रेलवे स्टेशन सहित करीब 7.50 लाख की आबादी निवास करती है. संगठन का कहना है कि इतनी बड़ी आबादी और औद्योगिक क्षेत्र की कानून-व्यवस्था को देखते हुए आदित्यपुर में DSP की तैनाती जरूरी है.
पटमदा का उदाहरण देकर उठाया सवाल
संगठन ने अपनी मांग के समर्थन में पड़ोसी पूर्वी सिंहभूम जिले की पुलिस व्यवस्था का भी उदाहरण दिया है. गौरतलब है कि पटमदा अनुमंडल नहीं होने के बावजूद वहां DSP का पद सृजित है और DSP की प्रतिनियुक्ति की गई है. ऐसे में राज्य के सबसे महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों में शामिल आदित्यपुर में बढ़ती आबादी और आपराधिक मामलों को देखते हुए अलग DSP पद की मांग को संगठन ने जरूरी बताया है.
ऑटो क्लस्टर मोड़ पर पुलिस आउट पोस्ट की मांग
जलाडो ने आदित्यपुर थाना क्षेत्र की बड़ी आबादी और औद्योगिक गतिविधियों को देखते हुए ऑटो क्लस्टर मोड़ के समीप पुलिस आउट पोस्ट स्थापित करने की मांग की है. पत्र के अनुसार आदित्यपुर थाना क्षेत्र की आबादी करीब 2.50 लाख है. इसके अंतर्गत सैकड़ों उद्योग, आदित्यपुर टोल ब्रिज और आदित्यपुर- खरकई पुल सहित बड़ी आबादी वाला क्षेत्र आता है. आदित्यपुर- कांड्रा स्टेट हाईवे से भी प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों का आवागमन होता है. संगठन का कहना है कि विधि- व्यवस्था और अपराध नियंत्रण को अधिक प्रभावी बनाने के लिए आदित्यपुर थाने का भार कम करते हुए ऑटो क्लस्टर मोड़ पर पुलिस आउट पोस्ट स्थापित किया जाना चाहिए.
कपाली OP को पूर्ण थाना बनाने की मांग
तीसरी महत्वपूर्ण मांग चांडिल थाना के अधीन कपाली ओपी को पूर्ण थाना का दर्जा देने की है. पत्र में कहा गया है कि वर्ष 1970 में कपाली की आबादी करीब 3 हजार थी, जो वर्तमान में करीब 67 हजार तक पहुंच चुकी है. क्षेत्र का भौगोलिक और व्यावसायिक विस्तार भी तेजी से हुआ है.
संगठन ने कहा है कि वर्तमान परिस्थितियों और औद्योगिक विकास को ध्यान में रखते हुए पुलिस व्यवस्था का पुनर्गठन जरूरी है. इससे अपराध नियंत्रण, त्वरित पुलिस कार्रवाई और आम लोगों को पुलिस सेवाएं उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी. पत्र की प्रतिलिपि पुलिस महानिरीक्षक रांची प्रक्षेत्र, कोल्हान के पुलिस उप- महानिरीक्षक, सरायकेला- खरसावां के उपायुक्त और पुलिस अधीक्षक को भी भेजी गई है.
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय

