जामताड़ा: प्रसव पूर्व लिंग जांच और कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्ती बढ़ा दी है. उपायुक्त सह जिला समुचित प्राधिकारी, पीसी एंड पीएनडीटी आलोक कुमार की अध्यक्षता में सोमवार को समाहरणालय सभागार में जिला सलाहकार समिति की बैठक हुई. बैठक में जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों की गतिविधियों की समीक्षा की गई और नियमित औचक निरीक्षण करने के साथ पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट एवं निर्धारित एसओपी का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया.


बैठक के दौरान उपायुक्त ने जिले में संचालित अल्ट्रासाउंड केंद्रों की संख्या और इस माह किए गए निरीक्षण की जानकारी ली. उन्होंने निर्देश दिया कि प्रत्येक माह कम से कम तीन से चार अल्ट्रासाउंड केंद्रों का औचक निरीक्षण किया जाए और इसकी रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए. निरीक्षण के दौरान केंद्रों में पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट और निर्धारित एसओपी के अनुरूप कार्य हो रहा है या नहीं, इसकी विशेष रूप से जांच करने का निर्देश दिया गया.
दो केंद्रों का लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया
बैठक में बताया गया कि दो संस्थानों ने अल्ट्रासाउंड केंद्र का संचालन नहीं करने संबंधी आवेदन दिया है. इस पर उपायुक्त ने संबंधित संचालकों से अल्ट्रासाउंड मशीन के दुरुपयोग नहीं करने को लेकर अंडरटेकिंग लेने का निर्देश दिया. साथ ही नियमानुसार दोनों केंद्रों का लाइसेंस निरस्त करने की प्रक्रिया पूरी करने को कहा.
उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि अल्ट्रासाउंड मशीन का किसी भी परिस्थिति में नियम विरुद्ध इस्तेमाल नहीं होना चाहिए. केंद्रों के संचालन में निर्धारित नियमों का पालन नहीं पाए जाने पर संबंधित संचालकों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी.
लिंग जांच पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी
उपायुक्त आलोक कुमार ने कहा कि प्रसव पूर्व लिंग जांच कराना कानूनन अपराध है. कन्या भ्रूण हत्या की रोकथाम के लिए जिले में प्रभावी निगरानी और कार्रवाई जरूरी है. उन्होंने निर्देश दिया कि जिले में संचालित किसी भी अल्ट्रासाउंड केंद्र की प्रसव पूर्व लिंग जांच में संलिप्तता सामने आती है, तो संबंधित केंद्र के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए.
बैठक में पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की भी समीक्षा की गई. उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को पीसी एंड पीएनडीटी एक्ट के प्रावधानों का पूरी गंभीरता से पालन सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया.
बैठक में सिविल सर्जन डॉ. एसके मिश्रा, अस्पताल उपाधीक्षक डॉ. दिनेश प्रसाद, प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. निलेश कुमार, डॉ. सना अदालिब, डीपीएम प्रदीप महतो सहित अन्य संबंधित पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित थे.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल

