रांची: झारखंड हाईकोर्ट ने 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा को रद्द करने के राज्य सरकार के फैसले पर रोक लगा दी है. गुरुवार को दोनों परीक्षाओं से संबंधित याचिकाओं पर सुनवाई के दौरान अदालत ने राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर काउंटर एफिडेविट दाखिल कर अपना पक्ष रखने का निर्देश दिया. सुनवाई के दौरान अदालत ने सरकार के उस आदेश पर भी रोक लगा दी, जिसके तहत दोनों परीक्षाओं से संबंधित कार्रवाई की गई थी. हाईकोर्ट के निर्देश के बाद अब राज्य सरकार को परीक्षा रद्द करने के अपने निर्णय के आधार और उससे संबंधित दस्तावेज अदालत के समक्ष प्रस्तुत करने होंगे.


नवनियुक्त अधिकारियों को तत्काल राहत
हाईकोर्ट के आदेश के बाद दोनों परीक्षाओं से जुड़े याचिकाकर्ताओं को तत्काल राहत मिली है. सरकार के फैसले के बाद जिन नवनियुक्त अधिकारियों की सेवा पर संकट खड़ा हुआ था, उनके लिए फिलहाल सेवा में वापस लिए जाने का रास्ता साफ हुआ है. हालांकि, यह राहत मामले के अंतिम निर्णय तक की न्यायिक प्रक्रिया का हिस्सा है. मामले की अंतिम स्थिति राज्य सरकार के जवाब और आगे होने वाली सुनवाई के बाद ही स्पष्ट होगी.
15 दिनों में सरकार को देना होगा जवाब
अदालत के निर्देश के अनुसार राज्य सरकार को 15 दिनों के भीतर विस्तृत काउंटर एफिडेविट दाखिल करना होगा. सरकार को अपने जवाब में यह स्पष्ट करना होगा कि 11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा और फूड सेफ्टी ऑफिसर परीक्षा को रद्द करने का निर्णय किन परिस्थितियों में लिया गया और इसके समर्थन में कौन-कौन से दस्तावेज एवं रिकॉर्ड उपलब्ध हैं.
JPSC की 11वीं से 13वीं परीक्षा को लेकर पहले से चल रहे विवाद के बीच हाईकोर्ट का यह आदेश महत्वपूर्ण माना जा रहा है. सरकार के फैसले पर रोक लगने के बाद अब अगली सुनवाई में सरकार की ओर से दाखिल किए जाने वाले जवाब और अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए जाने वाले रिकॉर्ड पर सभी की नजर रहेगी. फिलहाल हाईकोर्ट के आदेश से परीक्षा और नियुक्ति विवाद से जुड़े अभ्यर्थियों एवं नवनियुक्त अधिकारियों को बड़ी राहत मिली है.

