
गम्हरिया: प्रखंड- सह- अंचल परिसर स्थित झारखंड खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का नया गोदाम बनकर तैयार हो चुका है, लेकिन गोदाम तक पहुंचने के लिए आज तक पक्की सड़क का निर्माण नहीं कराया गया है. करोड़ों रुपये खर्च कर गोदाम तो बना दिया गया, लेकिन बुनियादी सुविधा के अभाव में खाद्यान्न आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित होने लगी है.


गोदाम तक पहुंचने वाले कच्चे रास्ते से प्रतिदिन खाद्यान्न लदे ट्रकों और अन्य वाहनों का आवागमन हो रहा है. बरसात के कारण यह रास्ता पूरी तरह कीचड़ और दलदल में बदल गया है. हालत यह है कि ट्रक बीच रास्ते में फंस जा रहे हैं, जिससे खाद्यान्न के उठाव और वितरण में लगातार बाधा उत्पन्न हो रही है.
जानकारी के अनुसार, सड़क निर्माण की आवश्यकता को लेकर विभागीय अधिकारियों को कई बार अवगत कराया जा चुका है. डीएसडी के संवेदक ने एमओ से लेकर डीएसओ तक को लिखित एवं मौखिक रूप से समस्या से अवगत कराया, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई है.
स्थानीय लोगों और परिवहन संवेदकों का कहना है कि करोड़ों की लागत से गोदाम का निर्माण तो कर दिया गया, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं बनाना प्रशासनिक लापरवाही को दर्शाता है. इसका खामियाजा वाहन चालकों के साथ-साथ आम लोगों को भी भुगतना पड़ रहा है.
उधर, परिवहन संवेदक अशोक यादव ने सरायकेला- खरसावां के उपायुक्त को पत्र सौंपकर सड़क की तत्काल मरम्मत कराने की मांग की है. पत्र में कहा गया है कि गोदाम तक जाने वाली सड़क दलदल में तब्दील हो चुकी है, जिससे खाद्यान्नों के उठाव और आपूर्ति कार्य गंभीर रूप से प्रभावित हो रहे हैं.
संवेदक ने अपने आवेदन में यह भी उल्लेख किया है कि खराब सड़क के कारण वाहनों के फंसने और क्षतिग्रस्त होने का खतरा लगातार बना हुआ है. बरसात के मौसम में स्थिति और भी गंभीर हो गई है. ऐसे में समय पर खाद्यान्न आपूर्ति सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती बन गया है.
स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और खाद्य आपूर्ति विभाग से अविलंब पक्की सड़क का निर्माण कराने की मांग की है. उनका कहना है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ, तो आने वाले दिनों में सार्वजनिक वितरण प्रणाली के तहत खाद्यान्न वितरण भी प्रभावित हो सकता है.
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय





