
जमशेदपुर: वैसे तो इस साल मौनसून की बेरुखी से किसान चिंतित हैं मगर यदि हम बात करें जमशेदपुर की तो यहां कुछ घंटों की तेज बारिश ने शहर के जल निकासी व्यवस्था की पोल खोल दी. जमशेदपुर पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के पटेल नगर, टीचर्स कॉलोनी समेत आसपास के कई इलाकों में नालियों का गंदा पानी और बारिश का पानी 200 से अधिक घरों में घुस गया.


जलभराव से प्रभावित परिवारों को लाखों रुपये के नुकसान का सामना करना पड़ा. स्थानीय लोगों का आरोप है कि बरसात से पहले बड़े नालों और जल निकासी मार्गों की समुचित सफाई नहीं कराई गई. नालियों में जमा गाद और कचरे के कारण पानी की निकासी पूरी तरह बाधित हो गई. देखते ही देखते सड़कें तालाब में तब्दील हो गईं और गंदा पानी घरों में घुस गया.
जलभराव के कारण फर्नीचर, इलेक्ट्रॉनिक सामान, राशन, कपड़े और अन्य घरेलू सामान खराब हो गए. कई परिवारों को घंटों तक घरों से पानी निकालने में मशक्कत करनी पड़ी. सड़कों और गलियों में जलजमाव से लोगों का आवागमन भी प्रभावित रहा. बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ी.
स्थानीय नागरिकों ने जिला प्रशासन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि हर वर्ष बरसात में यही स्थिति बनती है, लेकिन स्थायी समाधान के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया जाता. लोगों ने प्रभावित परिवारों को मुआवजा देने, नालों की तत्काल सफाई कराने और जल निकासी व्यवस्था को स्थायी रूप से दुरुस्त करने की मांग की है. उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो नगर निगम के खिलाफ व्यापक आंदोलन किया जाएगा.
इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए जमशेदपुर पूर्वी की विधायक पूर्णिमा साहू ने उपायुक्त से मुलाकात कर प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति से अवगत कराया. उन्होंने जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान, नालों की तत्काल सफाई और प्रभावित परिवारों को शीघ्र राहत उपलब्ध कराने की मांग की.
रिपोर्ट: शुभम मिश्रा





