
जामताड़ा: जिला प्रशासन की संवेदनशील कार्यशैली का उदाहरण शुक्रवार को समाहरणालय परिसर में देखने को मिला. जहां उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार न्यायालय जाने के क्रम में समाहरणालय के पोर्टिको के पास खड़े एक पिता और उनकी पुत्री के पास स्वयं रुके. उन्होंने उनकी समस्या सुनी और मौके पर ही उसके समाधान की पहल की.


नाला प्रखंड के कुलडंगाल गांव निवासी नमिता पाल अपने पिता के साथ मुख्यमंत्री मईया सम्मान योजना की राशि नहीं मिलने की शिकायत लेकर समाहरणालय पहुंची थीं. उन्होंने उपायुक्त को बताया कि योजना के तहत मिलने वाली सम्मान राशि अब तक उनके खाते में नहीं आई है और इसी संबंध में जानकारी लेने वे जिला मुख्यालय पहुंची हैं.
मामले को गंभीरता से लेते हुए उपायुक्त आलोक कुमार ने संबंधित विभाग के अधिकारियों और कर्मियों को तत्काल जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने का निर्देश दिया. विभागीय जांच में पता चला कि तकनीकी कारणों से लाभुक का नाम पेंडिंग सूची में होने के कारण योजना की राशि का भुगतान नहीं हो सका था.
उपायुक्त के निर्देश के बाद तकनीकी समस्या का तत्काल समाधान किया गया. विभाग की ओर से लाभुक को आश्वस्त किया गया कि आगामी मंगलवार तक मुख्यमंत्री मईया सम्मान योजना के तहत तीन माह की लंबित राशि एक साथ उनके बैंक खाते में हस्तांतरित कर दी जाएगी.
त्वरित कार्रवाई और सकारात्मक पहल से संतुष्ट नमिता पाल और उनके पिता ने जिला प्रशासन तथा उपायुक्त आलोक कुमार के प्रति आभार व्यक्त किया. समस्या का समाधान मिलने के बाद दोनों संतोष के साथ अपने घर लौट गए. यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि जामताड़ा जिला प्रशासन आम नागरिकों की समस्याओं के त्वरित. पारदर्शी और संवेदनशील समाधान के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य कर रहा है.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल





