
जामताड़ा: अखिल भारतीय स्तर पर मनाए गए मांग दिवस के अवसर पर सीटू से संबद्ध झारखंड राज्य आंगनबाड़ी सेविका- सहायिका यूनियन एवं झारखंड राज्य रसोईया संयोजिका यूनियन ने अपनी लंबित मांगों को लेकर अनुमंडल पदाधिकारी (एसडीओ) जामताड़ा को ज्ञापन सौंपा. यह ज्ञापन केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री तथा झारखंड के मुख्यमंत्री के नाम प्रेषित किया गया.


यूनियन नेताओं ने बताया कि मूल रूप से मांगों के समर्थन में जुलूस निकालकर ज्ञापन सौंपने का कार्यक्रम निर्धारित था. लेकिन लगातार हो रही भारी बारिश के कारण जुलूस स्थगित करना पड़ा. इसके बाद यूनियन के प्रतिनिधिमंडल ने एसडीओ कार्यालय पहुंचकर अपनी मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा.
प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व झारखंड राज्य आंगनबाड़ी सेविका- सहायिका यूनियन के राज्य कोषाध्यक्ष लखनलाल मंडल तथा झारखंड राज्य रसोईया संयोजिका यूनियन के जिला कार्यकारी अध्यक्ष मोहन मंडल ने किया. नेताओं ने कहा कि प्रत्येक वर्ष 10 जुलाई को मांग दिवस मनाकर सरकार का ध्यान आंगनबाड़ी सेविका- सहायिकाओं एवं रसोइयों की लंबित मांगों की ओर आकर्षित किया जाता है.
ज्ञापन में आंगनबाड़ी सेविकाओं को ग्रेड-3 तथा सहायिकाओं को ग्रेड-4 का दर्जा देते हुए सरकारी कर्मचारी घोषित करने की मांग की गई. मांग पूरी होने तक सेविकाओं को 41 हजार रुपये तथा सहायिकाओं को 35 हजार रुपये मासिक मानदेय देने की मांग भी उठाई गई. इसके अलावा आईसीडीएस के अतिरिक्त अन्य कार्यों से मुक्त रखने. ऑनलाइन कार्य के लिए उच्च गुणवत्ता वाला मोबाइल और डाटा उपलब्ध कराने. सेवानिवृत्ति पर 5 लाख रुपये की एकमुश्त राशि तथा 10 हजार रुपये मासिक पेंशन की व्यवस्था करने की मांग की गई.
वहीं झारखंड राज्य रसोईया संयोजिका यूनियन ने वर्ष 2025 से बढ़ी हुई दर पर बकाया मानदेय का भुगतान. नियमित मानदेय. भोजन बनाने के दौरान सुरक्षा किट उपलब्ध कराने. न्यूनतम 26 हजार रुपये मासिक मानदेय तथा संयोजिकाओं के लिए भी मानदेय सुनिश्चित करने की मांग सरकार के समक्ष रखी. ज्ञापन सौंपने के दौरान मोकिना बीवी, मैना सिंह, भवानी किस्कू, महारानी मुर्मू सहित यूनियन के कई पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल





