
सरायकेला: झारखंड के कानून- व्यवस्था के इतिहास में शुक्रवार का दिन एक नई मिसाल बन गया. पहली बार राज्य की पुलिस महानिदेशक तदाशा मिश्रा स्वयं सरायकेला पहुंचीं और भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा की सुरक्षा तैयारियों का जमीनी स्तर पर निरीक्षण किया. उन्होंने सर्किट हाउस में उच्चस्तरीय समीक्षा बैठक की. रथ यात्रा मार्ग का निरीक्षण किया और भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया. डीजीपी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी.


सरायकेला पहुंचने पर डीजीपी का स्वागत कोल्हान प्रक्षेत्र के डीआईजी अनुरंजन केस्पोट्टा, सरायकेला उपायुक्त नितीश कुमार सिंह और पुलिस अधीक्षक मनोज स्वर्गीयारी तथा अन्य वरीय पुलिस अधिकारियों ने किया. इसके बाद सर्किट हाउस में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने रथ यात्रा के दौरान सुरक्षा व्यवस्था, भीड़ प्रबंधन, यातायात नियंत्रण, संवेदनशील स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती, आपातकालीन व्यवस्था तथा संचार प्रणाली की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की.
बैठक के बाद डीजीपी स्वयं रथ यात्रा मार्ग पर निकलीं. उन्होंने पूरे मार्ग का निरीक्षण करते हुए बैरिकेडिंग. पुलिस पिकेट. पार्किंग व्यवस्था. भीड़ नियंत्रण के इंतजाम और श्रद्धालुओं की सुविधाओं का जायजा लिया. इसके बाद भगवान जगन्नाथ मंदिर पहुंचकर मंदिर परिसर और आसपास की सुरक्षा व्यवस्था का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
डीजीपी ने कोल्हान डीआईजी अनुरंजन केस्पोट्टा और एसपी मनोज स्वर्गीयारी को निर्देश दिया कि रथ यात्रा के दौरान हर गतिविधि पर लगातार निगरानी रखी जाए. किसी भी प्रकार की अफवाह, असामाजिक गतिविधि अथवा कानून- व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के विरुद्ध तत्काल और सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
उन्होंने सोशल मीडिया पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश देते हुए कहा कि भ्रामक, भड़काऊ अथवा सांप्रदायिक माहौल बिगाड़ने वाले संदेशों पर तुरंत कार्रवाई की जाए. साइबर मॉनिटरिंग टीम को पूरी तरह सक्रिय रखने और प्रत्येक सूचना पर त्वरित प्रतिक्रिया देने के भी निर्देश दिए.
डीजीपी ने कहा कि रथ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का पर्व नहीं. बल्कि सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक एकता का भी प्रतीक है. ऐसे आयोजनों में पुलिस की जिम्मेदारी और अधिक बढ़ जाती है. उन्होंने अधिकारियों से कहा कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होनी चाहिए और पूरी यात्रा शांतिपूर्ण. सुरक्षित तथा व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराई जाए.
उन्होंने यह भी कहा कि राज्य पुलिस मुख्यालय पूरे झारखंड में रथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था पर लगातार नजर बनाए हुए है. सभी जिलों की तैयारियों की समीक्षा की जा रही है और वरिष्ठ अधिकारियों को नियमित निरीक्षण के निर्देश दिए गए हैं ताकि कहीं भी कोई अप्रिय घटना न हो.
डीजीपी तदाशा मिश्रा ने कहा. “रथ यात्रा झारखंड की महत्वपूर्ण धार्मिक और सांस्कृतिक परंपरा है. हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता श्रद्धालुओं की सुरक्षा और शांतिपूर्ण आयोजन सुनिश्चित करना है. किसी भी तरह की अफवाह. सोशल मीडिया पर भड़काऊ पोस्ट या कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ तत्काल और सख्त कार्रवाई होगी. झारखंड पुलिस पूरी तरह सतर्क है और हर परिस्थिति से निपटने के लिए तैयार है.”
सरायकेला में डीजीपी का यह दौरा इसलिए भी विशेष माना जा रहा है क्योंकि पहली बार झारखंड के पुलिस प्रमुख ने स्वयं रथ यात्रा की सुरक्षा तैयारियों का स्थल पर पहुंचकर निरीक्षण किया. इससे यह स्पष्ट संदेश गया है कि इस वर्ष भगवान जगन्नाथ रथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था पर राज्य पुलिस मुख्यालय की सीधी और सतत निगरानी बनी हुई है.
प्रमोद सिंह (संपादक)





