सरायकेला: जिले में बैंकिंग सेवाओं के विस्तार, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और पात्र लाभुकों तक ऋण सुविधाएं पहुंचाने को लेकर जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. सोमवार को समाहरणालय सभागार में उप विकास आयुक्त रीना हांसदा की अध्यक्षता में जिला सलाहकार समिति (DCC) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (DLRC) की त्रैमासिक समीक्षा बैठक आयोजित की गई. बैठक में जिले के साख-जमा अनुपात (CD Ratio), वार्षिक साख योजना (ACP), कृषि ऋण, स्वरोजगार योजनाओं और वित्तीय समावेशन की स्थिति की विस्तृत समीक्षा की गई.


बैठक में किसान क्रेडिट कार्ड (KCC), स्वयं सहायता समूह (SHG) बैंक लिंकेज, संयुक्त देयता समूह (JLG), प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम (PMEGP), प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME), प्रधानमंत्री विश्वकर्मा, प्रधानमंत्री स्वनिधि और मुद्रा योजना के तहत ऋण वितरण की प्रगति पर चर्चा हुई. उप विकास आयुक्त ने बैंकों को निर्देश दिया कि पात्र लाभुकों के आवेदनों को अनावश्यक रूप से लंबित नहीं रखा जाए और समयबद्ध तरीके से उनका निष्पादन सुनिश्चित किया जाए.
रीना हांसदा ने कहा कि सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने में बैंकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है. उन्होंने ऋण स्वीकृति और वितरण प्रक्रिया को पारदर्शी, सरल और त्वरित बनाने पर जोर दिया ताकि लाभुकों को समय पर योजनाओं का लाभ मिल सके.
बैठक में ग्रामीण और सुदूरवर्ती क्षेत्रों में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार पर भी विशेष चर्चा की गई. अधिकारियों ने बैंकिंग संवाददाता केंद्र (BC Point), एटीएम और डिजिटल बैंकिंग सेवाओं की पहुंच बढ़ाने की आवश्यकता पर बल दिया. उप विकास आयुक्त ने निर्देश दिया कि ऐसे क्षेत्रों की पहचान की जाए जहां लोगों को बैंकिंग सेवाओं के लिए लंबी दूरी तय करनी पड़ती है और वहां जल्द से जल्द सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं.
वित्तीय साक्षरता को बढ़ावा देने के लिए वित्तीय साक्षरता केंद्र (FLC) और सामुदायिक वित्तीय साक्षरता केंद्र (CFL) द्वारा नियमित जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश भी दिया गया. आम लोगों को डिजिटल भुगतान, बैंकिंग सेवाओं, बचत, ऋण और साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करने पर विशेष जोर दिया गया.
बैठक में प्रधानमंत्री सूक्ष्म खाद्य उद्यम उन्नयन योजना (PMFME) के तहत व्यवहारिक परियोजनाओं के चयन, बैंकों और विभागों के बीच बेहतर समन्वय तथा एनपीए में कमी लाने को लेकर भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए. साथ ही किसान क्रेडिट कार्ड संतृप्तिकरण अभियान में तेजी लाने और कृषिका ऐप के माध्यम से प्राप्त आवेदनों के शीघ्र निष्पादन पर बल दिया गया.
बैठक में भारतीय रिजर्व बैंक के प्रतिनिधि, नाबार्ड के डीडीएम, अग्रणी जिला प्रबंधक बरुण कुमार चौधरी, जिला उद्योग केंद्र के महाप्रबंधक, जिला कृषि पदाधिकारी, जेएसएलपीएस के जिला कार्यक्रम प्रबंधक, आरसेटी निदेशक सहित विभिन्न बैंकों के जिला समन्वयक एवं शाखा प्रबंधक उपस्थित रहे.

