जामताड़ा: जिले के मिहिजाम शहर स्थित कानगोई हनुमान मंदिर क्षेत्र में शनिवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई है. ट्रांसफार्मर के पास करंट की चपेट में आने से दो मवेशियों की मौत हो गई. घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश है और विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं.


जानकारी के अनुसार विश्वकर्मा मंदिर रोड निवासी पशुपालक सत्येंद्र यादव के दो मवेशी चरते हुए कानगोई हनुमान मंदिर के समीप स्थित ट्रांसफार्मर के पास पहुंच गए. आरोप है कि ट्रांसफार्मर के आसपास फैले खुले और असुरक्षित बिजली तारों में करंट प्रवाहित हो रहा था. इसी की चपेट में आने से दोनों मवेशियों की मौके पर ही मौत हो गई.
पीड़ित सत्येंद्र यादव ने बताया कि मवेशी उनके परिवार की आजीविका का प्रमुख साधन थे. इस घटना से उन्हें करीब डेढ़ लाख रुपये का आर्थिक नुकसान हुआ है. उन्होंने आरोप लगाया कि विभागीय लापरवाही के कारण उनके परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है.
स्थानीय लोगों का कहना है कि कानगोई हनुमान मंदिर के पास स्थित ट्रांसफार्मर लंबे समय से हादसों को आमंत्रण दे रहा है. ट्रांसफार्मर के चारों ओर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था नहीं है और बिजली के तार खुले एवं अव्यवस्थित तरीके से फैले हुए हैं. लोगों का आरोप है कि हाईमास्ट लाइट को बिजली आपूर्ति देने के लिए भी अस्थायी तरीके से तार जोड़े गए हैं, जिससे दुर्घटना की आशंका लगातार बनी रहती है.
ग्रामीणों ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है. कुछ दिन पहले ही मेन रोड स्थित जैन मंदिर के समीप करंट लगने से एक गौवंश की मौत हो चुकी है. इसके बावजूद सुरक्षा व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया. लगातार हो रही घटनाओं से लोगों की चिंता और नाराजगी बढ़ती जा रही है.
स्थानीय लोगों ने सवाल उठाया है कि यदि लगातार पशुओं की जान जा रही है तो विभाग कब जागेगा. उनका कहना है कि आज मवेशी इसकी चपेट में आए हैं, लेकिन भविष्य में कोई बड़ा हादसा होने से भी इनकार नहीं किया जा सकता.
मामले पर कार्यपालक विद्युत अभियंता अभिषेक आनंद ने कहा कि विभाग मिहिजाम क्षेत्र की स्थिति से अवगत है. उन्होंने बताया कि नए बिजली पोल दो दिनों के भीतर उपलब्ध हो जाएंगे और प्राथमिकता के आधार पर आवश्यक कार्य कराया जाएगा. साथ ही लोगों से ट्रांसफार्मर और बिजली के तारों से दूर रहने तथा मवेशियों को भी वहां नहीं ले जाने की अपील की.
हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि केवल अपील करने से समस्या का समाधान नहीं होगा. विभाग को खतरनाक ट्रांसफार्मरों की घेराबंदी, खुले तारों की मरम्मत और सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करना चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल



