जामताड़ा: विधानसभा क्षेत्र के नारायणपुर प्रखंड अंतर्गत भैयाडीह गांव निवासी मजदूर रामदुलाल पंडित की तेलंगाना में हुई दर्दनाक मौत के बाद उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचाने की पूरी प्रक्रिया मानवीय संवेदना और प्रशासनिक समन्वय की मिसाल बन गई. आर्थिक रूप से कमजोर परिवार के लिए यह सफर बेहद कठिन था, लेकिन राज्य के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी के हस्तक्षेप के बाद परिजनों को बड़ी राहत मिली.

जानकारी के अनुसार रामदुलाल पंडित तेलंगाना में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण कर रहे थे. बीते 15 मई को काम के दौरान गिरने से उन्हें गंभीर चोट लगी थी, जिसके बाद उनकी मौत हो गई. घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने अपने प्रतिनिधि अजहरुद्दीन को मामले की जिम्मेदारी सौंपी और हर हाल में पार्थिव शरीर गांव तक पहुंचाने का निर्देश दिया.
इसके बाद मंत्री प्रतिनिधि अजहरुद्दीन ने तेलंगाना के विकाराबाद स्थित कारणकोट थाना से संपर्क कर मामले की पूरी जानकारी जुटाई. साथ ही तेलंगाना प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर पोस्टमार्टम और अन्य आवश्यक कानूनी प्रक्रिया को तेजी से पूरा कराया गया. लगातार प्रयास और प्रशासनिक सहयोग के बाद मृतक का शव परिजनों को सौंप दिया गया.
बताया जा रहा है कि मृतक का परिवार आर्थिक रूप से बेहद कमजोर है. परिवार में पत्नी और एक छोटा बच्चा है. ऐसे में तेलंगाना जाकर कानूनी और प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी करना उनके लिए संभव नहीं था. मामले की जानकारी मिलने पर पूर्व सांसद फुरकान अंसारी भी गांव पहुंचे और शोकाकुल परिवार से मुलाकात कर आर्थिक सहयोग प्रदान किया. साथ ही परिजनों के लिए एंबुलेंस की व्यवस्था कर उन्हें तेलंगाना भेजने में मदद की गई.
गुरुवार को जब रामदुलाल पंडित का पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. इस दौरान मंत्री प्रतिनिधि अजहरुद्दीन भी गांव पहुंचे और परिवार को सांत्वना देते हुए भरोसा दिलाया कि सरकार आगे भी हर संभव सहयोग के लिए उनके साथ खड़ी रहेगी.
ग्रामीणों ने इस पहल को मानवीय संवेदना और प्रशासनिक जिम्मेदारी का उदाहरण बताते हुए कहा कि समय पर सहयोग मिलने से परिवार अपने सदस्य को अंतिम विदाई दे सका. लोगों ने कहा कि कठिन समय में मिला यह सहयोग पीड़ित परिवार के लिए बड़ी राहत साबित हुआ.
रिपोर्ट: मनीष बर्णवाल



