सरायकेला: जिले में महिला सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता को लेकर खरसावां थाना पुलिस की ओर से एक सराहनीय पहल की गई. पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी के निर्देश पर शुक्रवार को खरसावां थाना प्रभारी गौरव कुमार के नेतृत्व में पीएमश्री कस्तूरबा गांधी आवासीय बालिका विद्यालय में व्यापक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया.

कार्यक्रम में छात्राओं और शिक्षिकाओं को महिला सुरक्षा, पॉक्सो एक्ट, बाल विवाह, साइबर अपराध, सड़क सुरक्षा और नशा मुक्ति जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से जानकारी दी गई.
कार्यक्रम के दौरान थाना प्रभारी गौरव कुमार ने कहा कि आज के समय में जागरूकता ही सबसे बड़ी सुरक्षा है. यदि बच्चियां अपने अधिकारों, कानूनों और सुरक्षा उपायों की जानकारी रखेंगी तो वे किसी भी प्रकार के अपराध का डटकर सामना कर सकती हैं. उन्होंने कहा कि पुलिस केवल अपराध होने के बाद कार्रवाई करने के लिए नहीं, बल्कि अपराध रोकने और समाज को जागरूक बनाने की जिम्मेदारी भी निभा रही है.
छात्राओं को पॉक्सो एक्ट की जानकारी देते हुए बताया गया कि बच्चों के खिलाफ होने वाले किसी भी प्रकार के यौन अपराध पर कानून बेहद सख्त है. ऐसे मामलों में तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील की गई. वहीं बाल विवाह को सामाजिक अभिशाप बताते हुए कहा गया कि यह कानूनन अपराध है और इससे बच्चियों के भविष्य पर गंभीर असर पड़ता है. छात्राओं से अपील की गई कि कहीं भी बाल विवाह की सूचना मिले तो तुरंत प्रशासन या पुलिस को अवगत कराएं.
महिला सुरक्षा को लेकर भी विस्तार से चर्चा की गई. थाना प्रभारी ने छात्राओं को बताया कि किसी भी प्रकार की छेड़खानी, हिंसा या उत्पीड़न की स्थिति में डरने की जरूरत नहीं है, क्योंकि पुलिस हमेशा उनकी सुरक्षा के लिए तत्पर है. इस दौरान चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098, डायल-112 और साइबर फ्रॉड से बचाव के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 की जानकारी भी दी गई.
साइबर अपराध के बढ़ते मामलों को देखते हुए छात्राओं को सोशल मीडिया के सुरक्षित उपयोग, ऑनलाइन फ्रॉड, फर्जी लिंक, ओटीपी साझा नहीं करने और साइबर ठगी से बचाव के उपायों के बारे में भी जागरूक किया गया. थाना प्रभारी ने कहा कि साइबर अपराधी मासूम लोगों को आसानी से निशाना बना रहे हैं, इसलिए सतर्क रहना बेहद जरूरी है.
कार्यक्रम में बच्चा चोरी की अफवाहों और सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों को लेकर भी छात्राओं को जागरूक किया गया. पुलिस अधिकारियों ने कहा कि किसी भी अपुष्ट जानकारी पर विश्वास करने के बजाय उसकी सच्चाई की पुष्टि करना जरूरी है. नशा मुक्ति अभियान के तहत छात्राओं को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराया गया.
पुलिस ने कहा कि नशा युवाओं के भविष्य को बर्बाद कर देता है और समाज में अपराध को बढ़ावा देता है. छात्राओं से खुद नशे से दूर रहने और दूसरों को भी जागरूक करने की अपील की गई. सड़क सुरक्षा एवं गुड सेमेरिटन कानून की जानकारी देते हुए बताया गया कि सड़क दुर्घटना में घायल व्यक्ति की मदद करना मानवता का सबसे बड़ा धर्म है. मदद करने वाले व्यक्ति को कानून सुरक्षा प्रदान करता है और उसे किसी प्रकार की कानूनी परेशानी का सामना नहीं करना पड़ता.
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने खुलकर सवाल पूछे, जिनका पुलिस अधिकारियों ने सरल और व्यवहारिक तरीके से जवाब दिया. अंत में विद्यालय की शिक्षिकाओं और छात्राओं ने खरसावां थाना पुलिस की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम छात्राओं में आत्मविश्वास बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित और सजग बनाते हैं. खरसावां थाना की इस पहल से यह संदेश साफ तौर पर सामने आया कि पुलिस और समाज मिलकर ही अपराधमुक्त और सुरक्षित वातावरण का निर्माण कर सकते हैं.

