सरायकेला: हजारीबाग में पत्रकारों के साथ हुई मारपीट की घटना ने पूरे राज्य में आक्रोश की लहर पैदा कर दी है. इस मामले को लेकर प्रेस क्लब ऑफ़ सरायकेला- खरसावां के महासचिव प्रमोद सिंह के नेतृत्व में गुरुवार को एक प्रतिनिधिमंडल ने उपायुक्त नितीश कुमार सिंह को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की.

महासचिव प्रमोद सिंह ने इस घटना को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताते हुए कहा कि यह सिर्फ पत्रकारों पर हमला नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर प्रहार है. उन्होंने कहा कि पत्रकार का धर्म सवाल पूछना है और जनप्रतिनिधियों का कर्तव्य उन सवालों का जवाब देना. उन्होंने राज्य के मंत्री ईरफ़ान अंसारी पर निशाना साधते हुए कहा कि उनके समर्थकों द्वारा की गई यह घटना निंदनीय और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ है. उन्होंने मांग की कि मंत्री स्वयं आगे आकर माफी मांगें और दोषियों को तुरंत पुलिस के हवाले करें.
प्रमोद सिंह ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि आज पत्रकारों की आवाज दबाई गई, तो कल आम जनता की आवाज भी सुरक्षित नहीं रहेगी. उन्होंने कहा कि न्याय के लिए हर स्तर पर लड़ाई लड़ी जाएगी और पत्रकार किसी भी दबाव में चुप नहीं बैठेंगे.
प्रेस क्लब ने स्पष्ट किया कि पत्रकारों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा. संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा. गौरतलब है कि इस घटना ने झारखंड में पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. अब देखना होगा कि सरकार इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाती है, क्योंकि यह मामला सिर्फ पत्रकारों का नहीं, बल्कि लोकतंत्र की बुनियाद से जुड़ा हुआ है.

