चाईबासा: नो एंट्री लागू करने की मांग को लेकर निकली पदयात्रा लगातार आगे बढ़ रही है. पदयात्रियों का हौसला चिलचिलाती धूप भी कम नहीं कर पा रहा है और वे अपने उद्देश्य को लेकर दृढ़ संकल्प के साथ रांची की ओर बढ़ते जा रहे हैं.

मंगलवार की सुबह पदयात्रियों ने ग्राम चक्की पहुंचकर भगवान बिरसा मुंडा की प्रतिमा पर नमन किया और अपने अभियान की शुरुआत की. इसके बाद वे आगे बढ़ते हुए हिरनी फॉल के समीप पहुंचे, जहां उन्होंने अल्पाहार कर थोड़ी देर विश्राम किया. भीषण गर्मी के बीच पदयात्रियों ने अपना सफर जारी रखा. रास्ते में ग्राम जलमय के पास सड़क किनारे पेड़ के नीचे रुककर कुछ देर आराम किया, फिर अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ गए.
यात्रा के दौरान राहगीरों और स्थानीय लोगों का भी भरपूर समर्थन मिल रहा है. कई लोग रास्ते में रुक-रुक कर पदयात्रियों का हौसला बढ़ाते नजर आए और उनके इस प्रयास की सराहना की.
पदयात्रियों का कहना है कि वे न्याय की मांग को लेकर यह यात्रा कर रहे हैं और अपनी बात सरकार तक पहुंचाने के लिए संकल्पित हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा.
पदयात्रा में शामिल लोग आज रात्रि विश्राम ग्राम बिंदा में करेंगे और इसके बाद बुधवार को रांची के लिए आगे प्रस्थान करेंगे. इस पदयात्रा में नो एंट्री के संयोजक रमेश बालमुचू, अधिवक्ता महेंद्र जामुदा, रियांश समाड, साधु हो, वीर सिंह बालमुचू, सन्नी संदीप देवगम, रोबिन आल्डा, उषा रानी सवैया, सुमी लगुरी, तुलसी पूर्ति, आशा होनहागा, अविनाशी होनहागा, गुरा सिंकू, प्यारेलाल तमसोय, सोहन सिंह देवगम, प्रकाश तांती, निर्मल सिंकू, विक्रम तमसोय, दुर्गा सिंकू, मोरन सिंह गागराई, राज तमाडिया, रितेश बालमुचू, सत्यजीत हेंब्रम, नदीम शेख, रोबिन देवगम सहित कई लोग शामिल हैं.

