सरायकेला/ Pramod Singh नगर में आयोजित ऐतिहासिक चैत्र पर्व सह छऊ महोत्सव 2026 का भव्य एवं सफल समापन हर्षोल्लास और पारंपरिक गरिमा के साथ सम्पन्न हुआ. पूरे आयोजन के दौरान छऊ नृत्य और सांस्कृतिक कार्यक्रम की मनमोहक प्रस्तुतियों ने पूरे क्षेत्र को उत्सवमय बना दिया और जन-जन में सांस्कृतिक ऊर्जा का संचार किया.

कार्यक्रम के समापन अवसर पर नगर पंचायत अध्यक्ष एवं राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र के कार्यकारी सदस्य मनोज कुमार चौधरी ने प्रेस विज्ञप्ति जारी कर प्रसन्नता व्यक्त की. उन्होंने कहा कि छऊ और सरायकेला का संबंध अत्यंत गहरा और गौरवशाली है. यह केवल एक नृत्य नहीं, बल्कि क्षेत्र की समृद्ध संस्कृति, पहचान और विरासत का जीवंत प्रतीक है.
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में छऊ कला एक सशक्त आर्थिक माध्यम के रूप में भी उभर रही है, जिससे कलाकारों को रोजगार के अवसर प्राप्त हो रहे हैं. कलाकारों के हित में निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं ताकि उन्हें उचित सम्मान और सुविधाएं मिल सकें.
उन्होंने यह भी कहा कि वर्षों से चली आ रही इस परंपरा ने सरायकेला को एकजुट बनाए रखा है और इसे सहेजना तथा आगे बढ़ाना हम सभी की जिम्मेदारी है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इस गौरवशाली विरासत से जुड़ी रहें. मनोज चौधरी ने सरायकेला राज परिवार एवं मूर्धन्य कलाकारों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि उनके प्रयासों से ही छऊ को वैश्विक पहचान मिली है. उन्होंने स्वीकार किया कि पहले कलाकारों को अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पाती थीं, लेकिन अब स्थिति में सकारात्मक बदलाव आया है और उन्हें सम्मान के साथ आवश्यक सहयोग भी दिया जा रहा है.
उन्होंने जानकारी दी कि जर्जर हो चुका राजकीय छऊ नृत्य कला केंद्र अब पुनर्जीवित हो चुका है और वर्ष 1961 की पुरानी समिति को नए स्वरूप में पुनर्गठित किया गया है. कलाकारों के लिए पेंशन योजना पर कार्य प्रगति पर है. साथ ही भारतीय सांस्कृतिक संबंध परिषद के साथ पांच वर्षों के समझौते और बहुउद्देशीय कला भवन की योजना पर भी काम जारी है.
उन्होंने बताया कि पिछले दो वर्षों से कलाकारों ने बिना मानदेय के समर्पण भाव से कला केंद्र का संचालन किया, जो अत्यंत सराहनीय है. अब नियुक्ति प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है. इसके अलावा, पिछले 30 वर्षों से विभिन्न संस्कृतियों के आदान- प्रदान की परंपरा इस वर्ष भी सफलतापूर्वक जारी रही. चैत्र पर्व 2026 के दौरान आयोजित छऊ प्रस्तुतियों ने पूरे क्षेत्र को उल्लास से भर दिया. सभी वर्गों के लोगों ने शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण भागीदारी निभाई.
जिला प्रशासन के सहयोग की सराहना करते हुए बताया गया कि इस वर्ष पद्मश्री एवं अन्य सम्मानित कलाकारों को भी सम्मानित किया गया. कालूराम सेवा ट्रस्ट के अध्यक्ष के रूप में मनोज चौधरी ने आयोजन को सफल बनाने में योगदान देने वाले उपायुक्त, पुलिस अधीक्षक, अनुमंडल पदाधिकारी, अपर उपायुक्त, प्रखंड विकास पदाधिकारी तथा सरायकेला छऊ आर्टिस्ट एसोसिएशन के पदाधिकारियों को सम्मानित किया.
उन्होंने कहा कि विकास के लिए सकारात्मक सोच और सामूहिक प्रयास जरूरी है. सरायकेला की जनता अब अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होकर एकजुट हो रही है, जिसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं.
अंत में उन्होंने राज्य सरकार, जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और आम जनता के प्रति आभार व्यक्त करते हुए आशा जताई कि यह गौरवशाली परंपरा भविष्य में भी निरंतर आगे बढ़ती रहेगी और सरायकेला नई ऊंचाइयों को प्राप्त करेगा.

