बोकारो/ Shubham Mishra जिले के बेरमो कोयलांचल के पेटरवार थाना क्षेत्र अंतर्गत चलकारी बस्ती स्थित जोरिया में अवैध कोयला खनन का बड़ा खेल सामने आया है. इस खुलासे ने प्रशासन और सिस्टम की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं. जानकारी के अनुसार जोरिया इलाके में लंबे समय से सुरंग बनाकर बड़े पैमाने पर अवैध खनन किया जा रहा था. हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े पैमाने पर चल रहे इस कारोबार की भनक स्थानीय प्रशासन और संबंधित विभागों को नहीं लगी या फिर जानबूझकर नजरअंदाज किया गया.


गुप्त सूचना मिलने के बाद पेटरवार थाना प्रभारी राजू मुंडा, सीसीएल के सुरक्षाकर्मी और अधिकारियों की संयुक्त टीम ने छापेमारी की. इस दौरान अवैध खनन के कई पुख्ता सबूत मिले, जिससे इलाके में सक्रिय कोयला माफियाओं में हड़कंप मच गया.
बताया जा रहा है कि यहां संगठित तरीके से लंबे समय से अवैध खनन का नेटवर्क संचालित हो रहा था. सुरंग बनाकर कोयले की निकासी की जा रही थी, जिससे सरकार को भारी राजस्व नुकसान हो रहा था और क्षेत्र में सुरक्षा का भी बड़ा खतरा बना हुआ था.
अब सबसे बड़ा सवाल यही उठ रहा है कि आखिर इतने लंबे समय तक यह अवैध कारोबार कैसे चलता रहा ? क्या स्थानीय प्रशासन और सेंट्रल कोल्फील्ड लिमिटेड प्रबंधन को इसकी जानकारी नहीं थी ? या फिर सब कुछ जानते हुए भी चुप्पी साध ली गई थी ?
हालांकि पूरे मामले पर जिले के एसपी ने सफाई देते हुए कहा है कि बेरमो क्षेत्र में सीसीएल का बड़ा माइंस एरिया है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में ट्रकों का आवागमन होता है. कुछ लोग रंगदारी के उद्देश्य से इस तरह की खबरें फैलाते हैं. उन्होंने यह भी कहा कि सूचना मिलने पर पुलिस कार्रवाई करती है और चलकरी में मिले अवैध खनन के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है. फिलहाल छापेमारी के बाद जांच तेज कर दी गई है, लेकिन इस पूरे मामले ने प्रशासनिक निगरानी और जवाबदेही पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है. अब देखना यह होगा कि इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन पर वास्तव में लगाम लगती है या फिर यह खेल फिर से शुरू हो जाता है.

