सरायकेला/ Pramod Singh नाबालिक के साथ शारीरिक छेड़छाड़ एवं जान से मारने की धमकी देने के मामले की सुनवाई करते हुए प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश रामाशंकर सिंह की अदालत ने मंगलवार को आरोपी हिमांशु पांडे को दोषी करार देते हुए पॉक्सो एक्ट के तहत चार वर्ष का सश्रम कारावास और 2 हजार रुपया जुर्माना की सजा सुनाई है. जुर्माना नहीं देने पर दोषी को 2 माह का अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी.


इसके साथ ही अदालत ने आरोपी के खिलाफ आईपीसी की धारा 354 के तहत 2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं एक हजार रुपए जुर्माना, जुर्माना नहीं देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास. आईपीसी की धारा 504 के तहत एक वर्ष का सश्रम कारावास एवं 500 रुपया जुर्माना, जुर्माना नहीं देने पर 15 दिन का अतिरिक्त कारावास तथा आईपीसी की धारा 506 के तहत 2 वर्ष का सश्रम कारावास एवं एक हजार रुपए जुर्माना, जुर्माना नहीं देने पर एक माह का अतिरिक्त कारावास की सजा सुनाई है.सभी धराओं में सजा साथ साथ चलेगी.
मामला आदित्यपुर थाना क्षेत्र का है.मामले को लेकर पीड़िता के पिता ने 16 मई 2022 को आदित्यपुर थाना में हिमांशु पांडे के खिलाफ लिखित मामला दर्ज कराया था.दर्ज मामले में कहा गया था कि 14 मई की शाम उनकी बेटी कुछ घरेलू समान लाने के लिए दुकान जा रही थी.दुकान जाने के लिए वह लिफ्ट का इंतजार कर रही थी.जब लिफ्ट पहुंचा तो उसमें से हिमांशु पांडे बाहर निकाला. उसने पीड़िता को अकेली पाकर गलत तरीके से उसके शारीरिक अंगों के साथ छेड़ छाड़ करने लगा. पीड़िता ने जब इसका विरोध किया तो अभियुक्त ने उसके साथ गाली गलौज करने लगा और किसी को भी यह बात बताने पर जान से मारने की धमकी दी. पीड़िता डर कर वहां से भाग कर अपने घर आई और अपनी मां को सारी बात बताई. पीड़िता के पिता ने जब हिमांशु पांडे के परिजनों से इस संबंध में बात करने का प्रयास किया तो हिमांशु ने उन्हें गाली देते हुए जान से मारने की धमकी दी. इसके बाद 16 मई को पीड़िता के पिता ने आदित्यपुर थाना में लिखित मामला दर्ज कराया.

