सरायकेला/ Pramod Singh जिले में बढ़ती सड़क दुर्घटनाओं पर नियंत्रण और यातायात व्यवस्था को सुरक्षित बनाने के लिए जिला प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है. उपायुक्त नितिश कुमार सिंह की अध्यक्षता तथा पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत की उपस्थिति में जिला स्तरीय सड़क सुरक्षा समिति की बैठक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से आयोजित की गई.

बैठक में सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात सुरक्षा को सुदृढ़ बनाने और सड़क अधोसंरचना के सुधार से जुड़े विभिन्न मुद्दों की विस्तृत समीक्षा की गई. जिला परिवहन पदाधिकारी गिरिजा शंकर महतो ने सड़क सुरक्षा से संबंधित अद्यतन प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए बताया कि जनवरी माह में जिले में 20 सड़क दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें 15 लोगों की मौत हुई. वहीं फरवरी माह में 15 दुर्घटनाओं में 11 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई. उन्होंने बताया कि जिले में कुल 18 ब्लैक स्पॉट चिन्हित किए गए हैं, जिनके सुधार के लिए संबंधित विभाग कार्रवाई कर रहे हैं.
उपायुक्त ने पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा करते हुए राष्ट्रीय राजमार्ग-32, राष्ट्रीय राजमार्ग-33, राष्ट्रीय राजमार्ग-18 और राष्ट्रीय राजमार्ग-220 सहित JARDCL तथा पथ निर्माण विभाग के अंतर्गत चल रहे सड़क और पुल निर्माण व मरम्मती कार्यों की प्रगति की जानकारी ली. उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिया कि वर्षा ऋतु से पहले सभी निर्माण और मरम्मती कार्य पूर्ण कर लिए जाएं.
उन्होंने निर्माणाधीन सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव कराने और दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में पुलिस गश्ती बढ़ाने का निर्देश दिया. साथ ही JARDCL द्वारा संचालित सरायकेला-चौका सड़क मरम्मती कार्य की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को निर्धारित समयसीमा के भीतर कार्य पूरा करने को कहा.
उपायुक्त ने कहा कि एनएच-32 और एनएच-33 सहित सभी प्रमुख सड़कों पर रिफ्लेक्टर, बड़े साइनेज बोर्ड, हाई मास्ट लाइट और सीसीटीवी कैमरों की स्थापना सुनिश्चित की जाए. इसके अलावा रंबल स्ट्रिप, चेतावनी संकेतक बोर्ड, थर्मोप्लास्टिक रोड मार्किंग और जेब्रा क्रॉसिंग जैसे सुरक्षा उपायों को भी अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्देश दिया गया.
उन्होंने सभी थाना प्रभारियों को नियमित वाहन जांच अभियान चलाने के निर्देश देते हुए कहा कि नशे में वाहन चलाने, ओवरस्पीडिंग और ओवरलोडिंग करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए. साथ ही अवैध पार्किंग पर भी निगरानी रखते हुए आवश्यक दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
उपायुक्त ने जिले में चल रहे “हेलमेट नहीं तो पेट्रोल नहीं” अभियान को प्रभावी ढंग से लागू करने पर जोर दिया. उन्होंने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय, सतत निगरानी और समयबद्ध कार्रवाई बेहद जरूरी है.
बैठक में अपर उपायुक्त जयवर्धन कुमार, अपर नगर आयुक्त आदित्यपुर रवि प्रकाश, अनुमंडल पदाधिकारी सरायकेला और चांडिल, पुलिस उपाधीक्षक, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के प्रतिनिधि, संबंधित विभागों के कार्यपालक अभियंता, मोटरयान निरीक्षक, सभी अंचल अधिकारी और थाना प्रभारी सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे.

