चाईबासा: सोनुआ प्रखंड अंतर्गत लोंजो पंचायत में मानकी मदन मोहन सुंडी की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक का मुख्य उद्देश्य बच्चों के अधिकारों की रक्षा तथा उनके उज्ज्वल भविष्य को सुनिश्चित करना था. इसी दौरान ‘बाल अधिकार सुरक्षा मंच’ का विधिवत गठन किया गया.

सर्वसम्मति से देवेंद्र संडील को अध्यक्ष, सिंधु जोंकों को उपाध्यक्ष और सोमवारी होनहागा को सचिव चुना गया. इसके अलावा सह-सचिव पद पर मालहो माझी, कोषाध्यक्ष के रूप में कांडे सरदार और सलाहकार के रूप में नव किशोर माझी को जिम्मेदारी सौंपी गई.
बैठक को संबोधित करते हुए मानकी मदन मोहन सुंडी ने बाल विवाह और बाल श्रम को समाज के लिए गंभीर अभिशाप बताया. उन्होंने कहा कि 18 वर्ष से कम आयु की लड़कियों और 21 वर्ष से कम आयु के लड़कों की शादी कराना कानूनन अपराध है. वहीं 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों से मजदूरी कराना उनके भविष्य के साथ अन्याय है.
उन्होंने कहा कि नशा मुक्ति के बिना शिक्षा का माहौल तैयार नहीं हो सकता. बच्चों को नशे से दूर रखना और शत-प्रतिशत नामांकन सुनिश्चित करना मंच की प्राथमिकता होगी. शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के तहत 6 से 14 वर्ष तक के बच्चों को अनिवार्य शिक्षा दिलाने तथा ड्रॉप-आउट बच्चों को दोबारा स्कूल से जोड़ने पर विशेष रणनीति बनाई गई.
बैठक में बच्चों के विद्यालय छोड़ने और पलायन की बढ़ती प्रवृत्ति पर चिंता व्यक्त की गई. निर्णय लिया गया कि ग्रामीण एकजुट होकर चिन्हित बच्चों की मदद करेंगे और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का प्रयास करेंगे.
मंच की कार्यकारिणी समिति में जॉन सिंह दिग्गी, दुर्गा नायक, दिनेश कुमार नायक, हेमलता मुंडा, प्रेम गागराई, लाल दिग्गी, बेहरा दिग्गी, नूरिया बोदरा, बुधनी सरदार, पासुंरी सामन्ड, मोनिका बोदरा, सलोनी जरिका एवं गीता हेंब्रम को सदस्य बनाया गया है.
बैठक में पंचायत प्रतिनिधि, वार्ड सदस्य, मुखिया, एसएचजी दीदियां तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे.

