चाईबासा/ Jayant Pramanik झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकार रांची के निर्देशानुसार शनिवार को सोनुआ प्रखंड स्थित कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में लीगल लिट्रेसी क्लब के तहत एक जागरूकता शिविर का आयोजन किया गया. इस शिविर का आयोजन जिला विधिक सेवा प्राधिकार चाईबासा के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश सह प्राधिकार के अध्यक्ष मोहम्मद शाकिर और सचिव रवि चौधरी के मार्गदर्शन में किया गया.

कार्यक्रम के दौरान विद्यालय की वार्डन, सभी शिक्षक और छात्राओं को विधिक जानकारी दी गई. लीगल लिट्रेसी क्लब के प्रतिनिधियों ने बाल विवाह अधिनियम 2006 की विस्तृत जानकारी साझा की. बताया गया कि यह अधिनियम बाल विवाह पीड़ितों को सुरक्षा और राहत प्रदान करता है. इसके तहत लड़कों के लिए न्यूनतम आयु 21 वर्ष और लड़कियों के लिए 18 वर्ष निर्धारित है. कार्यक्रम में बाल विवाह से होने वाले दुष्परिणाम जैसे शिक्षा और स्वास्थ्य पर पड़ने वाले नकारात्मक प्रभावों पर भी चर्चा की गई. साथ ही बाल विवाह में दंड की जानकारी और समुदाय की भागीदारी की महत्ता को रेखांकित किया गया.
इसके अलावा छात्राओं को हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी भी दी गई. चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, पुलिस हेल्पलाइन 100 और एम्बुलेंस सेवा 108 के बारे में विस्तार से बताया गया. इस अवसर पर पीएलवी अरूप कुमार प्रधान (सोनुआ) और पीएलवी स्वेता नायक (गोईलकेरा) भी उपस्थित थे. कार्यक्रम के अंत में छात्राओं से बाल विवाह के खिलाफ जागरूक रहने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की अपील की गई.

