रांची: मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में गुरुवार को आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए. बैठक में उग्रवादी घटनाओं या सीमा पर शहीद होने वाले राज्य के केंद्रीय अर्द्धसैनिक बल कर्मियों के आश्रितों को विशेष अनुग्रह अनुदान और सरकारी सेवा में अनुकंपा नियुक्ति देने की स्वीकृति दी गई. वहीं उत्पाद सिपाही बहाली को रद्द करने के निर्णय लिया गया है. पूर्व में उत्पाद सिपाही की बहाली की दौड़ में दो दर्जन से ज्यादा युवकों की मौत हो गई थी.

इसके अलावा झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक 2025, झारखंड वित्त (अंकेक्षण एवं लेखा) सेवा नियमावली-2025 और झारखंड राज्य आयुष स्वास्थ्य सेवा संशोधन नियमावली-2024 को मंजूरी मिली. राज्य के विद्यालयों में उर्दू शिक्षकों के 4339 पदों के सृजन पर भी मुहर लगाई गई.
मंत्रिपरिषद ने डाल्टनगंज में एससी- एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम से जुड़े मामलों के त्वरित निपटारे के लिए विशेष न्यायालय के गठन की स्वीकृति दी. साथ ही मदर टेरेसा एडवांस हेल्थ क्लीनिक नाम से अटल मोहल्ला क्लीनिक योजना का नाम बदलने का फैसला किया गया. बैठक में तीन चिकित्सा पदाधिकारियों – डॉ. कुमारी रेखा, डॉ. रीना कुमारी और डॉ. वीणा कुमारी एम को सेवा से बर्खास्त करने का निर्णय भी लिया गया. झारखंड राज्य विश्वविद्यालय विधेयक, पुलिस भर्ती नियमावली 2025, विशेष शिक्षा सहायक आचार्य नियुक्ति नियमावली, दिव्यांग बच्चों की शिक्षा व्यवस्था और जीएसटी प्रमाण पत्र की अनिवार्यता को लेकर भी अहम फैसले लिए गए.
सरकार ने राजकीय श्रावणी मेला के लिए अस्थायी ओपी के गठन, दिव्यांग बच्चों के रिसोर्स पर्सन की स्क्रीनिंग कमिटी में संशोधन, रिटायर्ड कर्मियों की साक्ष्य यात्रा व्यय प्रतिपूर्ति तथा अन्य कई फैसलों को मंजूरी दी.

