सरायकेला (विपिन वार्ष्णेय) बढ़ती शीततलहरी और कनकनी से आम लोगों का जनजीवन अस्त व्यस्त हो गया है. खासकर स्कूली बच्चों पर इसका खासा प्रभाव नजर आ रहा है. हालांकि राज्य के स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के प्रधान सचिव के रवि कुमार ने मंगलवार को आदेश जारी कर 8 जनवरी तक के लिए वर्ग एक से पांच तक की कक्षाएं स्थगित कर दी हैं. यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है और राज्य के सभी सरकारी, गैर सरकारी, सरकारी सहायता प्राप्त, अल्पसंख्यक और निजी विद्यालयों को आदेश का सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है.

इससे प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को तो राहत मिल गई है, लेकिन ऊपर की कक्षाओं में पढ़ने वाले बच्चों के लिए कक्षाएं पूर्व की तरह जारी हैं. शहरी क्षेत्रों में तो स्कूली बच्चों को स्वेटर, जैकेट, मफलर, ब्लेजर आदि पहने हुए देखा जा रहा है, किंतु ग्रामीण क्षेत्रों में स्थिति बिल्कुल उलट है. यहां अधिकांश बच्चों को बिना स्वेटर के ही स्कूल जाते देखा गया. कई ग्रामीण स्कूलों में बच्चे अलाव जलाकर शीतलहरी से जूझते दिखाई पड़े. कक्षा के भीतर के वातावरण में भी काफी ठंड और कनकनी है और लगातार तीन दिनों से धूप ना निकलने की वजह से सर्दी का सितम काफी बढ़ा हुआ है. ऐसे में ग्रामीण क्षेत्र के विद्यालय के बच्चों को काफी विषम परिस्थिति का सामना करना पड़ रहा है. इससे स्कूल में बच्चों की उपस्थिति भी प्रभावित हो रही है. हालांकि निजी स्कूलों में सरकारी आदेशों का कोई असर नहीं हुआ है. जिले के सभी निजी स्कूलों में पांचवी तक की कक्षाएं पूर्व की भांति संचालित हो रहे हैं.

