चाईबासा/ Jayant Pramanik स्वाभिमानी मजदूर संगठन की ओर से केंद्र सरकार द्वारा पारित कथित मनरेगा विरोधी “वीबी जी-रामजी” विधेयक के खिलाफ शुक्रवार को सोनुआ प्रखंड कार्यालय परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया गया. प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधियों ने बीडीओ सोमनाथ उरांव को मांगों से संबंधित ज्ञापन सौंपा.

संगठन ने आरोप लगाया कि यह विधेयक मनरेगा अधिनियम 2005 के तहत मिलने वाले “काम के अधिकार” को समाप्त करने की साजिश है. मजदूरों का कहना है कि नए प्रावधानों के तहत केंद्र सरकार बजट की सीमा तय करेगी, जिससे मजदूरों को 100 दिन का रोजगार मिलना भी मुश्किल हो जाएगा.
प्रदर्शनकारियों ने कहा कि खर्च का बंटवारा 60:40 किए जाने से गरीब राज्यों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा, जिससे बेरोजगारी और पलायन की समस्या और गंभीर होगी. इसके साथ ही बायोमेट्रिक और आधार आधारित भुगतान प्रणाली (ABPS) के कारण कई मजदूर अपने हक से वंचित हो रहे हैं.
संगठन ने विधेयक में खेती के सीजन के दौरान 60 दिनों तक मनरेगा कार्य बंद रखने के प्रस्ताव का भी विरोध किया और इसे मजदूर विरोधी करार दिया. मजदूरों ने सरकार से इस विधेयक को वापस लेने की मांग की.
प्रदर्शन में संदीप प्रधान, लोपर, सुमित्रा बंकिरा, मानकी हेंब्रम, सीतामनी, चंद्र मोहन सहित बड़ी संख्या में मनरेगा मजदूर मौजूद थे.

