सरायकेला/ Pramod Singh चाईबासा के गोईलकेरा स्थित समीज आश्रम में आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान त्रिनेत्रा छऊ डांस सेंटर के कलाकारों ने शंकराचार्य के समक्ष पारंपरिक छऊ नृत्य की मनमोहक प्रस्तुति दी. कलाकारों की शानदार प्रस्तुति ने उपस्थित श्रद्धालुओं और अतिथियों को मंत्रमुग्ध कर दिया.

रंग- बिरंगे परिधानों, पारंपरिक मुखौटों और दमदार अभिनय के साथ कलाकारों ने पौराणिक प्रसंगों को नृत्य के माध्यम से जीवंत कर दिया. कलाकारों की ऊर्जा, ताल और लय ने पूरे माहौल को सांस्कृतिक रंग में रंग दिया. दर्शक कलाकारों के प्रदर्शन से इतने प्रभावित हुए कि पूरे कार्यक्रम के दौरान तालियों की गूंज सुनाई देती रही.

कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य ने कलाकारों की प्रस्तुति की सराहना करते हुए कहा कि छऊ नृत्य भारतीय संस्कृति और परंपरा की अनमोल धरोहर है. ऐसे आयोजन हमारी सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करने और नई पीढ़ी तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं.
इस अवसर पर आश्रम के साधु-संत, स्थानीय गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे. कार्यक्रम ने सभी को भारतीय संस्कृति की समृद्ध परंपरा से रूबरू कराया और छऊ नृत्य की अद्भुत कला का जीवंत अनुभव कराया.

