सरायकेला: जिले के खरसावां प्रखंड के जंगल क्षेत्र स्थित सिलपिंगदा गांव में 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर एक ऐतिहासिक सांस्कृतिक आयोजन “मंच पर मिलन” कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ किया गया. इस विशेष कार्यक्रम में आसपास के जंगल गांवों के पांच शैक्षणिक केंद्रों से जुड़े 200 से अधिक आदिवासी बच्चों ने अपनी प्रस्तुति दी. कार्यक्रम में लगभग 500 ग्रामीण शामिल हुए, जिनमें बड़ी संख्या बच्चों के अभिभावकों की थी.

गणतंत्र दिवस के अवसर पर बच्चों ने राष्ट्रीय ध्वज फहराया और रंग-बिरंगे फूलों के साथ राष्ट्र के प्रति सम्मान प्रकट किया. भावनात्मक माहौल में आयोजित इस समारोह ने यह दर्शाया कि सीमित संसाधनों और कठिन परिस्थितियों के बावजूद इन बच्चों के मन में देश के प्रति गहरा प्रेम और सम्मान है.

यह दृश्य जहां एक ओर देशभक्ति की भावना से ओत- प्रोत था, वहीं दूसरी ओर क्षेत्र की चुनौतियों को भी उजागर करता है. ग्रामीण इलाकों में अभिभावकों की अशिक्षा, अविकास, बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं का अभाव, शिक्षा तक सीमित पहुंच, परिवहन व्यवस्था की कमी और भोजन संसाधनों की समस्या जैसी कई कठिनाइयां आज भी मौजूद हैं. इसके बावजूद बच्चों का उत्साह और खुशी देखने लायक थी.
कार्यक्रम की सफलता में आमदा स्थित क्लेवर सोशल वेलफेयर सेंटर की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जो इस क्षेत्र में कार्यरत एक सामाजिक संस्था है. संस्था द्वारा संचालित कोचिंग केंद्रों के माध्यम से इस आयोजन को संभव बनाया गया.

इस अवसर पर संस्था के बुधराम गोप के प्रयास सराहनीय रहे. कार्यक्रम के आयोजन और संचालन में स्थानीय स्वैच्छिक शिक्षकों मंकी सरदार, ममता सरदार, दीपक सरदार, रोशनी गोप, नंदनी गोप, सुनील सरदार, अकोई सरदार और अमित मुंडा ने महत्वपूर्ण योगदान दिया. साथ ही स्थानीय शिक्षक रूईदास सरदार तथा सिलपिंगदा गांव के मुखिया बुधु सरदार और उनके परिवार का सहयोग भी कार्यक्रम को यादगार बनाने में अहम रहा. पूरा आयोजन उत्साह, अनुशासन और सामुदायिक एकजुटता के साथ संपन्न हुआ.

