सरायकेला/ Pramod Singh

प्रखंड अंतर्गत मुरुप गोविंदपुर गांव के बीच संजय नदी तट पर स्थित ठाकुराणी दरोह में मकर संक्रांति के पावन अवसर पर श्रद्धा और आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिला. हर वर्ष की भांति इस वर्ष भी हजारों श्रद्धालुओं ने मकर डुबकी लगाकर माता ठाकुराणी देवी के दरबार में अपने तथा अपने परिवार की सुख, शांति और समृद्धि की कामना की.
इस पवित्र शक्ति पीठ में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ पड़ी. संजय नदी के निर्मल जल में स्नान के बाद भक्तों ने विधि-विधान से पूजा- अर्चना की. मुख्य पुजारी शुक्रा सरदार ने बताया कि माता ठाकुराणी देवी की सच्चे मन से आराधना करने वालों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं, इसी आस्था के कारण हर वर्ष दूर-दराज से भी श्रद्धालु यहां पहुंचते हैं.

ठाकुराणी दरबार पहुंचे श्रद्धालुओं ने प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस स्थल को यादगार बनाने के लिए सेल्फी पॉइंट पर जमकर तस्वीरें भी खिंचवाईं. चारों ओर हरियाली, चट्टानों और बहती संजय नदी के बीच बना यह सेल्फी पॉइंट लोगों के आकर्षण का केंद्र रहा. मकर संक्रांति के अवसर पर जय मां ठाकुराणी सेवा संघ, गोविंदपुर की ओर से नि:शुल्क सेवा शिविर का आयोजन किया गया. शिविर में श्रद्धालुओं के लिए खीर, खिचड़ी, चाय समेत अन्य प्रसाद निशुल्क उपलब्ध कराया गया. सेवा कार्य में समिति के सदस्य पूरे दिन तत्पर रहे.

इस शिविर को सफल बनाने में मृत्युंजय पति, हेमंत मंडल, रूपबहन मंडल, सुबोध मंडल, चित्रसेन मंडल, विकास मंडल, संजीत मंडल, धनंजय मंडल, संजय मंडल, तापस मंडल, अमित मंडल, रंजीत मंडल, नरेश मंडल, आकाश मंडल, महावीर मंडल, सत्यवान मंडल सहित अन्य का सराहनीय योगदान रहा.
स्थानीय लोगों ने ठाकुराणी शक्तिपीठ को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग उठाई है.

लोगों का कहना है कि यदि इस स्थल को पर्यटन मानचित्र पर शामिल किया जाता है तो क्षेत्र के विकास के नए आयाम खुलेंगे और स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी प्राप्त होंगे.
ठाकुराणी शक्तिपीठ की खासियत
संजय नदी का अनवरत प्रवाह इस स्थल की सबसे बड़ी विशेषता है. गर्मी के मौसम में भी, जब कई नदियां सूख जाती हैं, तब भी यहां संजय नदी का जल प्रवाह बना रहता है. शक्तिपीठ के पास स्थित ठाकुराणी दरोह जलाशय का पानी बारहों महीने समान रूप से निर्मल रहता है. बड़े-बड़े चट्टानों और घनी हरियाली से घिरा यह क्षेत्र मनमोहक प्राकृतिक छटा से भरपूर है, जो इसे एक विशिष्ट धार्मिक और पर्यटन स्थल बनाता है. धार्मिक आस्था और प्राकृतिक सौंदर्य का यह संगम ठाकुराणी शक्तिपीठ को विशेष पहचान देता है.

