मधुपुर/ Md. Aslam विधानसभा क्षेत्र के चौंगाखार स्थित मदरसा बाग-ए-आईशा की ओर से रविवार को वार्षिक तालीमे-निस्वां कांफ्रेंस का भव्य आयोजन किया गया. यह धार्मिक एवं शैक्षणिक कांफ्रेंस विशेष रूप से महिलाओं को इस्लामी शिक्षा से रूबरू कराने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी, जिसमें झारखंड के विभिन्न जिलों से आईं नामचीन आलिमा और क़ारियाओं ने भाग लिया.

कांफ्रेंस में मोहतरमा उम्मुलवरा फातीमा अम्जदी (रामगढ़), मोहतरमा अल्लामा क़ारिया कहकशां परवीन (हजारीबाग), जिनत फात्मा नुरी रिज़वी, सायरा अल्लामा एवं फाज़िला सानिया नुरी ने महिलाओं को दीन की बुनियादी और आवश्यक शिक्षाओं की जानकारी दी. इस दौरान मोहतरमा उम्मुलवरा फातीमा अम्जदी ने शिक्षा, नमाज़, वुज़ू, ग़ुस्ल और मैय्यत (जनाज़ा) के तरीक़ों को प्रैक्टिकल के माध्यम से विस्तारपूर्वक समझाया, जिसे महिलाओं ने बड़े ध्यान से सुना.
उन्होंने कहा कि महिलाओं का शिक्षित होना अत्यंत आवश्यक है और दुनियावी शिक्षा के साथ-साथ दीनि तालीम को भी मजबूत करना समय की जरूरत है, ताकि महिलाएं अपने परिवार और समाज को सही दिशा दे सकें.
कार्यक्रम में झारखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफ़ान अंसारी एवं अल्पसंख्यक कल्याण सह जल संसाधन मंत्री हफीज़ुल हसन अंसारी के प्रतिनिधि शब्बीर हसन अंसारी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे. उन्होंने कहा कि दीनि और आधुनिक शिक्षा के संतुलन से ही समाज की तरक्की संभव है.
कांफ्रेंस की अध्यक्षता सद्दाम हुसैन फैज़ी ने की, जबकि कियादत तहरत हुसैन फैज़ी ने संभाली. कार्यक्रम को सफल बनाने में फैय्याज कैसर, हाफिज अताउल, मौलाना रहीम, हाफिज मकसूद, हाफिज शहादत, रफाकत साहब सहित कई समाजसेवियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा. सैकड़ों महिलाओं की मौजूदगी ने इस कांफ्रेंस को ऐतिहासिक बना दिया. आयोजकों ने इसे महिलाओं की दीनि जागरूकता की दिशा में एक अहम कदम बताया.

