सरायकेला: जिले में मुख्य सड़कों पर बेतरतीब पार्किंग और क्षमता से अधिक यात्रियों को बैठाकर वाहन चलाने वालों के खिलाफ शुक्रवार को यातायात पुलिस ने विशेष अभियान चलाया. पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर चले अभियान में 18 वाहनों के खिलाफ चालान की कार्रवाई करते हुए कुल 85,500 रुपये जुर्माना लगाया गया.


यातायात पुलिस के अनुसार अभियान के दौरान दो ऐसे यात्री वाहन भी पकड़े गए, जिनमें निर्धारित सीटिंग क्षमता से 18 यात्री अधिक बैठाए गए थे. दोनों वाहनों पर यातायात नियमों के तहत कार्रवाई की गई.
सिर्फ चालान से सुधरेगी व्यवस्था ?
गलत पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई जरूरी है, लेकिन इसके साथ शहर और प्रमुख बाजार क्षेत्रों में व्यवस्थित पार्किंग की उपलब्धता भी बड़ा सवाल है. आदित्यपुर, गम्हरिया, कांड्रा और सरायकेला के कई व्यस्त इलाकों में सड़क किनारे वाहन खड़े होने से यातायात प्रभावित होता है. ऐसे में केवल चालान काटने के बजाय प्रशासन को यह भी स्पष्ट करना चाहिए कि वाहन चालक आखिर अपने वाहन कहां खड़े करें.
विशेषकर बाजार, बैंक, अस्पताल, सरकारी कार्यालय और प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों के आसपास निर्धारित पार्किंग स्थल चिन्हित कर संकेतक लगाने की जरूरत है. जहां पार्किंग प्रतिबंधित हो, वहां स्पष्ट नो-पार्किंग बोर्ड और सड़क चिह्न होने चाहिए. इससे कार्रवाई में पारदर्शिता आएगी और वाहन चालकों के पास नियम पालन का व्यावहारिक विकल्प भी रहेगा.
ओवरलोडिंग पर केवल जुर्माना नहीं, नियमित निगरानी जरूरी
यात्री वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक लोगों को बैठाना सीधे यात्रियों की सुरक्षा से जुड़ा मामला है. ऐसे वाहनों पर एक दिन का विशेष अभियान पर्याप्त नहीं होगा. प्रमुख ऑटो और यात्री वाहन स्टैंड पर नियमित जांच, निर्धारित क्षमता की स्पष्ट जानकारी और बार-बार नियम तोड़ने वाले वाहनों पर नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जरूरत है. यातायात पुलिस ने वाहन चालकों से मुख्य सड़क और सड़क किनारे गलत तरीके से वाहन खड़ा नहीं करने तथा यात्री वाहनों में निर्धारित क्षमता से अधिक यात्रियों को नहीं बैठाने की अपील की है. पुलिस ने अभियान आगे भी जारी रखने की बात कही है.
लोगों का मानना है कि यातायात व्यवस्था का मॉडल केवल “चालान और जुर्माना” तक सीमित न रहे. पार्किंग स्थल, यात्री वाहन स्टॉपेज, संकेतक, नियमित निगरानी और सड़क पर प्रभावी यातायात प्रबंधन इन सभी पर एक साथ काम होगा तभी अभियान का स्थायी असर दिखाई देगा.
रिपोर्ट: विपिन वार्ष्णेय

