सरायकेला: झारखंड में चार दिनों का सरकारी अवकाश चल रहा है, लेकिन सरायकेला- खरसावां जिले का जिला परिवहन विभाग इन छुट्टियों के दौरान भी लगातार अपनी ड्यूटी निभा रहा है. भले ही विभाग की सक्रियता का असर आमजन पर सीमित नजर आ रहा हो, लेकिन विभाग दफ्तर से बाहर निकलकर सड़कों पर अपनी जिम्मेदारी निभाता दिखाई दे रहा है.

जिला परिवहन पदाधिकारी गिरीजा शंकर महतो के नेतृत्व में परिवहन विभाग की पूरी टीम राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत निर्धारित कार्यों का नियमित रूप से निर्वहन कर रही है. लगभग हर दिन जिला परिवहन पदाधिकारी जिले के किसी न किसी मार्ग या चौक पर सड़क सुरक्षा के प्रति लोगों को जागरूक करते नजर आ रहे हैं.
मंगलवार को गम्हरिया प्रखंड के आदित्यपुर नगर क्षेत्र स्थित इमली चौक में जिला परिवहन पदाधिकारी गिरीजा शंकर महतो के नेतृत्व में सड़क सुरक्षा जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया. इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों को सड़क सुरक्षा एवं यातायात नियमों के प्रति जागरूक करना और सड़क दुर्घटनाओं में प्रभावी कमी लाना था.
कार्यक्रम के दौरान नुक्कड़ नाटक के माध्यम से आमजन और वाहन चालकों को बिना ड्राइविंग लाइसेंस वाहन चलाने, असुरक्षित एवं लापरवाह ड्राइविंग तथा यातायात नियमों के उल्लंघन से होने वाले दुष्परिणामों की जानकारी दी गई. इसके साथ ही हिट एंड रन मामलों से जुड़े विधिक प्रावधान, गुड समैरिटन कानून और मोटरयान अधिनियम के तहत दंडात्मक प्रावधानों को सरल और प्रभावी ढंग से समझाया गया.
इस क्रम में यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों की मौके पर काउंसलिंग की गई और ऑनलाइन चालान की कार्रवाई भी की गई. वहीं, ओवरलोडेड वाहनों के खिलाफ विशेष जागरूकता अभियान भी चलाया गया.
अभियान के तहत सड़क सुरक्षा जागरूकता वाहन के माध्यम से गम्हरिया और आदित्यपुर क्षेत्र के विभिन्न चौक- चौराहों पर लोगों को यातायात नियमों के पालन के लिए प्रेरित किया गया. नियमों के उल्लंघन की स्थिति में होने वाली दंडात्मक कार्रवाई की जानकारी दी गई और सड़क सुरक्षा से संबंधित सूचनात्मक पंपलेट व पत्रक का वितरण भी किया गया.
इस अवसर पर जिला परिवहन पदाधिकारी गिरीजा शंकर महतो ने कहा कि ऐसे जागरूकता कार्यक्रमों का उद्देश्य सड़क सुरक्षा नियमों के प्रति जन- जागरूकता बढ़ाना और सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाना है. उन्होंने आम नागरिकों से स्वयं यातायात नियमों का पालन करने और अपने परिवार तथा आसपास के लोगों को भी इसके लिए प्रेरित करने की अपील की. साथ ही वाहन चालकों को वैध ड्राइविंग लाइसेंस और अन्य आवश्यक दस्तावेज साथ रखने तथा नियमों का अक्षरशः पालन करने का निर्देश दिया.
हालांकि, इतनी जागरूकता के बावजूद जिले में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के दौरान औसतन प्रतिदिन दो सड़क दुर्घटनाएं हो रही हैं. यह स्थिति दर्शाती है कि जागरूकता अभियान कहीं न कहीं कागजी खानापूर्ति बनकर रह गया है. जरूरत व्यापक सख्ती, सुदृढ़ ट्रैफिक व्यवस्था और नागरिकों में आत्म- जागरूकता की है. केवल चालान और राजस्व बढ़ाने से नहीं, बल्कि यातायात नियमों का ईमानदारी से पालन करने से ही सड़कों पर लोगों की जान बचाई जा सकती है.

