सरायकेला/ Pramod Singh सिविल सर्जन सरायकेला- खरसावां के निर्देशन में तंबाकू के दुष्परिणामों और कोटपा 2003 तंबाकू मुक्ति केंद्र पर प्रशिक्षण का आयोजन किया गया. कार्यक्रम में जिला परामर्शी अशोक यादव ने सभी आयुष सीएचओएस को तंबाकू के दुष्परिणाम और उसके जहरीले तत्वों की जानकारी दी.

अशोक यादव ने बताया कि तम्बाकू उत्पादों में 4000 से अधिक जहरीले तत्व पाए जाते हैं, जो कई बीमारियों का कारण बन सकते हैं. तम्बाकू सेवन से कैंसर के अलावा बाल झड़ना, मोतियाबिंद, दांत सड़ना, फेफड़े का कैंसर, दिल की बीमारी, पेट का अल्सर, बदरंग उंगलियां, विकृत शुक्राणु, गैंग्रीन, अस्थमा और टीबी जैसी गंभीर समस्याएं हो सकती हैं.
उन्होंने कहा कि भारत में हर साल 13 लाख से अधिक लोगों की मृत्यु तम्बाकू सेवन से होने वाली बीमारियों से होती है. सभी प्रकार के कैंसर में एक तिहाई तम्बाकू सेवन के कारण होते हैं. टीबी से होने वाली मौतों में भी तम्बाकू का बड़ा योगदान होता है. तंबाकू सेवन हृदय रोग, मधुमेह, पुरानी फेफड़े की बीमारी, स्ट्रोक, बांझपन, अंधापन और नपुंसकता का भी प्रमुख जोखिम कारक है. अशोक यादव ने अपील की कि यदि कोई तम्बाकू का सेवन करता है तो तंबाकू नशा मुक्ति केंद्र, सदर अस्पताल से संपर्क कर इसे छोड़ा जा सकता है.

