सरायकेला: जिले में वर्तमान फ़सलीय वर्ष में अफीम की अवैध खेती की संभावना को नगण्य करने के उद्देश्य से पुलिस प्रशासन द्वारा प्री-कल्टीवेशन ड्राइव चलाया जा रहा है. इस अभियान के तहत स्थानीय लोगों, ग्रामीण प्रतिनिधियों और स्कूल विद्यार्थियों को अफीम की अवैध खेती और इसके दुष्प्रभाव के प्रति जागरूक किया जा रहा है.

आज शुक्रवार को ईचागढ़ थाना अंतर्गत लेपा टांड़ पंचायत सचिवालय में स्थानीय मुखिया, वार्ड सदस्य, आंगनबाड़ी सेविकाओं और जनप्रतिनिधियों के बीच जागरूकता सत्र आयोजित किया गया. इसके साथ ही कुचाई थाना के चम्पद गांव, दलभंगा ओपी के नीमडीह और सेमरपानी गांव, सेमरपानी स्कूल और खरसावां थाना अंतर्गत कुम्हारसाई गांव तथा चौका थाना के खूंटी बाजार में भी अभियान चलाया गया.

अभियान के दौरान संबंधित थाना प्रभारी ने स्थानीय भाषा में अफीम की खेती के दुष्प्रभाव और कानूनी प्रावधानों की जानकारी दी गई. साथ ही ग्रामीणों को अफीम के स्थान पर वैकल्पिक कृषि अपनाने हेतु प्रोत्साहित किया गया, ताकि आमजन और युवाओं को इस अवैध गतिविधि से दूर रखा जा सके. मालूम हो कि राज्य सरकार और झारखंड पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिला पुलिस ने करीब 600 एकड़ भूभाग में हो रहे अवैध अफीम की खेती को नष्ट किया था. उन खेतों में इस साल पारंपरिक खेती का नजारा दिख रहा है. किस पारंपरिक खेती का रुख कर रहे हैं और ज्यादातर खेतों में धान की फसल लहलहा रही है.
पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार लुणायत ने जिला वासियों से अफीम की खेती से दूर रहने की अपील की है. उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि अफीम की अवैध खेती करते किसान पकड़े जाएंगे तो उनके खिलाफ विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी. पुलिस अधीक्षक ने अफीम की खेती से प्रभावित रहे क्षेत्र के थानेदारों से भी सजग रहने को कहा है. उन्होंने कहा है कि यदि संबंधित थाना क्षेत्र में अफीम की अवैध खेती से संबंधित सूचना प्राप्त होती है तो वैसे थानेदारों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी.

