सरायकेला: जिला पुलिस के लिए वर्ष 2025 उपलब्धियों से भरा रहा है. अपराध नियंत्रण, कांड निष्पादन, आपातकालीन सेवा और नागरिक सुविधा के क्षेत्र में जिले की पुलिस ने पूरे वर्ष उल्लेखनीय प्रदर्शन करते हुए एक मजबूत और भरोसेमंद छवि बनाई है. आंकड़े बताते हैं कि वर्ष 2025 में सरायकेला- खरसावां पुलिस ने न केवल कानून- व्यवस्था को बेहतर किया, बल्कि आम नागरिकों को त्वरित और प्रभावी सेवाएं भी उपलब्ध कराईं.

अपराध नियंत्रण और कांड निष्पादन में बड़ी सफलता
विधि- व्यवस्था संधारण के साथ- साथ त्वरित अनुसंधान और पुराने मामलों के निष्पादन को प्राथमिकता देते हुए सरायकेला- खरसावां पुलिस ने वर्ष 2025 में उत्कृष्ट कार्य किया है. जनवरी से नवंबर 2025 के बीच जिले में कुल 1422 कांड दर्ज किए गए, जबकि इसी अवधि में 1898 कांडों का निष्पादन किया गया. यह दर्ज कांडों की तुलना में 476 अधिक मामलों का निस्तारण है, जो 33.47 प्रतिशत अधिक निष्पादन को दर्शाता है. आंकड़े स्पष्ट करते हैं कि पुलिस ने नए मामलों के साथ- साथ पुराने लंबित कांडों को भी तेजी से निपटाया, जिससे पेंडेंसी में भारी कमी आई है. यह उपलब्धि पुलिस की सक्रियता, सतत निगरानी और त्वरित अनुसंधान प्रक्रिया को दर्शाती है.
आपातकालीन सेवा डायल 112 में ऐतिहासिक सुधार, राज्य में अव्वल
आम नागरिकों को आपात स्थिति में त्वरित सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से सरायकेला- खरसावां पुलिस ने डायल 112 सेवा के रिस्पॉन्स टाइम में उल्लेखनीय सुधार किया है. वर्ष 2025 की शुरुआत में जहां औसत रिस्पॉन्स टाइम लगभग 21 मिनट था, वहीं नवंबर 2025 तक यह घटकर मात्र 09 मिनट 19 सेकंड रह गया. माहवार आंकड़ों पर नजर डालें तो जनवरी 2025 में 346 इवेंट्स पर औसत रिस्पॉन्स टाइम 20 मिनट 48 सेकंड रहा. फरवरी में 332 इवेंट्स पर 20 मिनट 49 सेकंड, मार्च में 362 इवेंट्स पर 17 मिनट 59 सेकंड और अप्रैल में 312 इवेंट्स पर 21 मिनट 21 सेकंड का समय दर्ज किया गया. मई से लगातार सुधार देखने को मिला और नवंबर 2025 में 428 इवेंट्स पर सबसे कम 09 मिनट 19 सेकंड का रिस्पॉन्स टाइम दर्ज किया गया. आपातकालीन स्थिति में हर सेकंड की अहमियत को समझते हुए रिस्पॉन्स टाइम को 20 मिनट से घटाकर 10 मिनट से कम करना पुलिस टीम की कड़ी मेहनत और प्रभावी मॉनिटरिंग का परिणाम माना जा रहा है. यह आंकड़ा पूरे राज्य में अव्वल है.
नागरिक सेवा में पासपोर्ट सत्यापन मामले में भी पूरे राज्य में पहले स्थान पर, ऐतिहासिक उपलब्धि
वर्ष 2025 में सरायकेला- खरसावां पुलिस ने पासपोर्ट सत्यापन प्रक्रिया में भी नया कीर्तिमान स्थापित किया है. कुछ वर्ष पहले जहां सत्यापन में औसतन 26 दिन तक का समय लगता था, वहीं अब यह प्रक्रिया घटकर औसतन 6 से 7 दिनों में पूरी की जा रही है. जुलाई से दिसंबर 2025 के बीच जिले में पासपोर्ट सत्यापन के 100 प्रतिशत मामलों का निस्तारण निर्धारित 15 दिनों की समय सीमा के भीतर किया गया. जनवरी से जून 2025 के दौरान भी 99 प्रतिशत मामलों का समय पर निष्पादन हुआ. अक्टूबर, नवंबर और दिसंबर 2025 में लगातार 100 प्रतिशत अनुपालन दर्ज किया गया, जिसमें औसत समय 6 से 8 दिनों के बीच रहा. यह उपलब्धि विशेष रूप से छात्रों, रोजगार के लिए देश- विदेश जाने वाले युवाओं और आम नागरिकों के लिए बड़ी राहत मानी जा रही है.
महिला एवं बच्चों की सुरक्षा में सरायकेला-खरसावां पुलिस की बड़ी उपलब्धि, वर्ष 2025 में ITSSO के तहत अनुसंधान में 100 प्रतिशत अनुपालन दर हासिल.
महिला एवं बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सरायकेला-खरसावां पुलिस ने वर्ष 2025 में एक महत्वपूर्ण और सराहनीय उपलब्धि दर्ज की है. गृह मंत्रालय भारत सरकार की महत्वाकांक्षी योजना इन्वेस्टिगेशन ट्रैकिंग सिस्टम फॉर सेक्सुअल ऑफेंसेस यानी ITSSO के तहत जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए महिला एवं बच्चों के विरुद्ध दर्ज यौन अपराध के मामलों में 100 प्रतिशत अनुसंधान अनुपालन दर हासिल की है.
ITSSO एक ऑनलाइन ट्रैकिंग प्रणाली है, जिसका उद्देश्य यौन अपराधों के मामलों में अनुसंधान की सतत निगरानी कर निर्धारित समय सीमा के भीतर जांच पूर्ण कराना और पीड़ितों को त्वरित न्याय सुनिश्चित करना है. इसके तहत IPC की धारा 376, BNS की धारा 64, 66, 67, 68, 70, 71 तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 4, 6, 8 और 10 के अंतर्गत दर्ज मामलों की निगरानी की जाती है.
वर्ष 2025 में 01 जनवरी से 31 दिसंबर की अवधि के दौरान सरायकेला-खरसावां जिले में महिला एवं बच्चों के विरुद्ध यौन अपराध से संबंधित कुल 33 कांड दर्ज किए गए. इन मामलों में पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए 30 कांडों में 60 दिनों की निर्धारित अवधि के भीतर अनुसंधान पूर्ण कर आरोपपत्र दाखिल किया है. शेष 3 कांडों की वैधानिक अवधि अभी पूर्ण नहीं हुई है, हालांकि इन सभी मामलों में आरोपियों की गिरफ्तारी की जा चुकी है और अनुसंधान सभी बिंदुओं पर प्रगति पर है.
पुलिस प्रशासन का कहना है कि शेष तीनों मामलों में भी निर्धारित 60 दिनों की समय सीमा के भीतर अनुसंधान पूर्ण कर आरोपपत्र समर्पित कर दिया जाएगा. इस प्रकार सरायकेला-खरसावां पुलिस ने ITSSO के तहत सभी मामलों में 100 प्रतिशत अनुसंधान अनुपालन दर बनाए रखी है, जो महिला एवं बच्चों से जुड़े संवेदनशील मामलों में पुलिस की गंभीरता को दर्शाता है.
महिला एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों में समयबद्ध अनुसंधान न केवल न्याय प्रक्रिया को मजबूत करता है, बल्कि पीड़ितों का भरोसा भी बढ़ाता है. ITSSO के तहत 100 प्रतिशत अनुपालन दर यह प्रमाणित करता है कि सरायकेला-खरसावां पुलिस यौन अपराधों के मामलों में जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाते हुए पूर्ण संवेदनशीलता, त्वरित कार्रवाई और कानूनी प्रक्रिया के सख्त पालन के साथ कार्य कर रही है.
कुल मिलाकर वर्ष 2025 में ITSSO के तहत यह उपलब्धि महिला एवं बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरायकेला-खरसावां पुलिस की प्रतिबद्धता, जिम्मेदार पुलिसिंग और प्रभावी अनुसंधान व्यवस्था को दर्शाती है. यह प्रदर्शन जिले में कानून व्यवस्था को मजबूत करने के साथ-साथ समाज में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनाने में भी अहम भूमिका निभा रहा है.

ओवरऑल निष्कर्ष
अपराध नियंत्रण में 33.47 प्रतिशत अधिक कांड निष्पादन, डायल 112 के रिस्पॉन्स टाइम को 9 मिनट तक लाना और पासपोर्ट सत्यापन में 100 प्रतिशत समयबद्ध निस्तारण जैसी उपलब्धियां यह साबित करती हैं कि वर्ष 2025 सरायकेला- खरसावां पुलिस के लिए प्रदर्शन और विश्वास का वर्ष रहा है. नागरिकों के प्रति प्रतिबद्धता, तकनीकी दक्षता और प्रो- एक्टिव पुलिसिंग के कारण जिले की पुलिस ने पूरे राज्य में एक सकारात्मक उदाहरण पेश किया है.
पूरी टीम की उपलब्धि: एसपी
एसपी मुकेश कुमार लुनायत ने अपने इस उपलब्धि का श्रेय अपनी पूरी टीम को दिया है उन्होंने कहा कि बगैर टीमवर्क के यह उपलब्धि हासिल करना आसान नहीं था. उन्होंने जिले के तमाम पुलिस पदाधिकारियों को क्रेडिट देते हुए आने वाले दिनों में इसमें और बेहतर सुधार करने की अपील की है. उन्होंने कहा कि अपराध मुक्त और भय मुक्त जिला बनना ही उनका एकमात्र उद्देश्य है. उन्होंने क्षेत्र की जनता को भी धन्यवाद दिया है और कहा है कि जनता से उन्हें हर मामले में अपेक्षाकृत बेहतर सहयोग मिला है.

